Vidya University के मालिक प्रदीप जैन पर फर्जी रजिस्ट्री से 150 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप

  • [By: Meerut Desk || 2025-11-02 16:40 IST
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Vidya University के मालिक प्रदीप जैन पर फर्जी रजिस्ट्री से 150 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप

मेरठ। विद्या नॉलेज पार्क (Vidya University) के संचालक/कुलपति प्रदीप जैन पर पांचली गांव की लगभग 150 करोड़ रूपये की जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराकर हड़पने का आरोप लगा है। गौरतलब है कि विद्या प्रकाशन कई दशक से स्कूल एवं कॉलेज स्तर की सहायक पुस्तके एवं क्वेश्चन बैंक प्रकाशित करने के लिए प्रसिद्ध रहे है। इसके बाद सुरेंद्र जैन, प्रदीप जैन और सौरभ जैन ने मिलकर विद्या नॉलेज पार्क की स्थापना की। पिछले साल ही विद्या नॉलेज पार्क को विद्या यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी। 

क्या है मामला: जनपद के पांचली गांव की करीब 150 करोड़ रुपए की ग्राम समाज जमीन फर्जी तरीके से हड़पने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विद्या यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रदीप जैन और ऋतुराज जैन ने जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर फर्जी बैनामा और रजिस्ट्री करवा ली। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन इंडिया लगातार विरोध कर रही है। भारतीय किसान यूनियन इंडिया संगठन के नेता पहलवान मुनेंद्र गुर्जर ने 8 अक्टूबर को मेरठ सदर तहसील में विद्या यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रदीप जैन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। इसके बाद तहसीलदार रवि प्रजापति ने नायब तहसीलदार सोहनपाल की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 15 दिन में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। तय हुआ था कि ग्राम समाज और संगठन के प्रतिनिधि अनिल प्रधान को 12 बिंदुओं पर दर्ज आपत्तियों की जानकारी दी जाएगी और रिपोर्ट अंतिम करने से पहले उनकी सहमति ली जाएगी।

लेकिन मुनेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया है कि संगठन की पैरवी के बावजूद 30 अक्टूबर को जांच रिपोर्ट एकतरफा तरीके से अंतिम कर दी गई। पहले तो तहसील प्रशासन रिपोर्ट दिखाने को तैयार नहीं था, लेकिन किसान संगठन के विरोध के बाद अनिल प्रधान को रिपोर्ट पढ़ाई गई। मुनेंद्र गुर्जर ने बताया कि रिपोर्ट में कई अहम बिंदु अधूरे छोड़े गए और संगठन द्वारा दिए गए दस्तावेजों को नजरअंदाज किया गया। उनका आरोप है कि जांच समिति ने भू-माफियाओं के दबाव में भ्रष्टाचारपूर्ण तरीके से रिपोर्ट तैयार की।

वहीं विद्या यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रदीप जैन ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वह प्रशासन की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। जो भी निर्णय आएगा, हमें स्वीकार होगा।

मतलब साफ है कि ग्राम पंचायत की जमीन अवैध रूप से कब्जाने का आरोप सही है। फ़िलहाल मामला अदालत में है। 

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