पीडब्लूडी बागपत का कमाल: 18 करोड़ की सड़क हाथ से छूते ही उखड़ गई, ठेकेदार-अधिकारी गठबंधन का कारनामा

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-12-13 13:03 IST
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पीडब्लूडी बागपत का कमाल: 18 करोड़ की सड़क हाथ से छूते ही उखड़ गई, ठेकेदार-अधिकारी गठबंधन का कारनामा

बागपत (यूपी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के बावजूद कमीशनखोरी में लगे कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार में रिकॉर्ड स्थापित कर रहे है और अपनी जेब भरने के लिए ऐसे अधिकारी विपक्ष को मोदी सरकार और योगी सरकार पर ऊँगली उठाने का मौका देते है। जिस प्रकार से लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बागपत द्वारा नैथला-बोहला मार्ग पर ऐसी घटिया सड़क बनाई जो हाथ से छूटे ही टूट कर बिखर गई यह विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत की और इशारा करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक इस घोटाले की शिकायत पहुँच गई है। सरकारी खजाने को लूटने और लुटाने वालो के खिलाफ कड़ी और सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जो दूसरे भ्रष्टचारियों के लिए नज़ीर बने। 

क्या है मामला: दरअसल बागपत में नैथला-खानपुर-बोहला मार्ग पर लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया है। जब कोई सड़क निर्माण कार्य होता है तो विभाग के इंजीनियर कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए मौके पर उपस्थित होते है। इस सड़क निर्माण कार्य के दौरान भी अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता मौके पर मौजूद रहे होंगे। और इन 'ग़ैर' जिम्मेदार अभियंताओं के सामने ही वीके कंस्ट्रक्शन ग़ाज़ियाबाद ने एक ऐसी सड़क बना दी जिसे हाथ से छुओ तो वह टूटकर बिखर गई। जैसे आप किसी बेहद पुरानी और सालों से दबी पड़ी किताब को खोलने के लिए उसका पन्ना पलटते हो तो पन्ने का छोटा सा टुकड़ा आपकी उंगलियों में दबा रह जाता है बाकी टूटकर बिखर जाता है। ऐसा ही हाल इस सड़क का है। हाथ लगाते ही टूट गई। आगे इन 'ग़ैर' जिम्मेदार अभियंताओं के सामने ही आगे सड़क बनती गई और पीछे से टूटती गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचाये है। 

स्थानीय लोगों ने इन 'ग़ैर' जिम्मेदार अभियंताओं द्वारा बनाई गई बेहद 'मजबूत' सड़क की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। जिसमे सड़क कागज की तरह टूट रही है। वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के सहायक अभियंता ने सड़क मानक के अनुसार नहीं बनने की बात स्वीकारते हुए घटिया सड़क को दोबारा बनाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। और औपचारिकता निभाते हुए वीके कंस्ट्रक्शन को नोटिस थमा दिया। विभाग ने न तो वीके कंस्ट्रक्शन पर जुर्माना लगाया और न ही अपने सीनियर अधिकारियों से इस ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश ही की। 

दरअसल राज्य सरकार ने नैथला-बोहला मार्ग की सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य को स्वीकृत किया था। 10.70 किमी इस लंबी सड़क के लिए शासन ने 18 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया था। इस सड़क को 3.75 मीटर से बढाकर 5 मीटर चौड़ी बनाई जानी है। ग़ौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही इस सड़क का शिलान्यस राजयमंत्री केपी मालिक और सांसद राजकुमार सांगवान ने किया था। जब इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो स्थानीय ग्रामीण इसकी घटिया क्वालिटी को देखकर भड़क उठे और उन्होंने इस घटिया सड़क की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इतना ही नहीं स्थानीय ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने सड़क को चेक करने का प्रयास किया तो सड़क कागज की मानिंद उखड़ने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क आगे से बनती जा रही थी और पीछे से टूटती जा रही थी। वीडियो वायरल होने और ग्रामीणों द्वारा घटिया सड़क को लेकर हंगामा करने की सूचना पर विभाग के सहायक अभियंता को मौके पर भेजा गया। सहायक अभियंता ने अपने विभाग द्वारा बनाई गई सड़क के बेहद ही घटिया स्तर का और मानक के विपरीत पाया तो उन्होंने जेसीबी मंगवाकर 200 मीटर सड़क उखड़वाकर ठेकेदार को इसे दोबारा बनाने का निर्देश दिया। 
 
इस बाबत अपने विभाग द्वारा बनाई गई बेहद घटिया सड़क निर्माण की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद उच्च अधिकारियों अधिशासी अभियंता अतुल कुमार से रिपोर्ट तलब की। इसके बाद अधिशासी अभियंता अतुल कुमार ने जिलाधिकारी को भेजे जवाब/सफाईनामे में कहा कि सड़क के ट्रायल पैच का निर्माण मानक के विपरीत मिलने पर निर्माण कार्य को ख़ारिज कर दिया गया है। वीके कंस्ट्रक्शन को घटिया निर्माण कार्य के लिए चेतावनी जारी की गई है। जितने मीटर सड़क घटिया बनी है उसे तोड़कर हटाने का निर्देश दिया गया है। लेकिन कही या कभी सुना है कि सालों से काम कर रही सड़क निर्माण कंपनी वीके कंस्ट्रक्शन से विभाग पहले सड़क के ट्रॉयल पैच का निर्माण करायेगा। यह सब ठेकेदार और खुद को बचाने के लिए था। अधिशासी अभियंता अतुल कुमार के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के लिए पत्थर-मिटटी डालने का काम हो चुका है। अब तारकोल (बिटुमिन) रोड़ी से सड़क का निर्माण कराने को 200 मीटर ट्रायल पैच बनाया गया था, जिसका निर्माण बेहद ख़राब मिला जिसका ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। 

पहले भी घटिया सड़क निर्माण करा चुका है पीडब्ल्यूडी बागपत: नैथला-खानपुर-बोहला मार्ग का घटिया सड़क निर्माण ही नहीं इससे पहले भी कई सड़कों पर बेहद खराब और घटिया निर्माण कार्य कराया है। इसी साल अप्रैल माह में ढ़िकोली गांव में होली चौक से श्मशान घाट तक 500 मीटर मार्ग पर पीडब्ल्यूडी बागपत द्वारा जो सड़क निर्माण कार्य कराया था वह बेहद ही घटिया क्वालिटी का था। जिसमें घटिया रोड़ी के साथ नाममात्र तारकोल डाला गया था। स्थानीय ग्रामीण तरुण फौजी और लाखन आर्य ने इस घटिया सड़क निर्माण पर हंगामा करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया था। तमाम समाचार पत्रों में इस खबर को प्रकाशित किया गया था। इसके अलावा भी कई सड़के घटिया निर्माण सामग्री से बनी थी। लेकिन ठेकेदार अधिकारी गठबंधन के चलते किसी का कुछ नहीं बिगड़ा और सरकारी धन की बंदरबाट हो गई।

सरकारी खजाने को लूटने और लुटाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों से हो रिकवरी: लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बागपत में नैथला-खानपुर-बोहला मार्ग पर जो आजतक की बेहद घटिया स्तर ऐसी सड़क बनी जो आगे बनती जा रही थी और पीछे से टूटती जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जिसमे दिखाया गया कि सड़क हाथ से छूटे ही टूट गई। बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी 'मजबूत' सड़क कभी नहीं बन सकती। विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार ने घटिया सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार कंपनी वीके कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्ट करने के बजाय उसे ही आगे का सड़क निर्माण कार्य दे दिया। अधिशासी अभियंता ने आरोपी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए अपने सीनियर अधिकारियों तक से सिफारिश नहीं की। यह ठेकेदार और अधिशासी अभियंता के ठगबंधन की जाँच का विषय है। सरकारी खजाने को लूटने और लुटाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए और इन्ही लोगों से रिकवरी होनी चाहिए। 

लोक निर्माण विभाग बागपत द्वारा वीके कंस्ट्रक्शन ग़ाज़ियाबाद को दिए गए तमाम सड़क निर्माण टेंडरों की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए। मेरठ और बागपत के लोक निर्माण विभागों में कई बार मोटे कमीशन के लालच में अधिकारियों ने ठेकदार के साथ मिलीभगत करके बेहद ही घटिया सड़क निर्माण कार्य करवाएं है जिनकी बाद में लखनऊ शिकायत हुई। अभी दो सप्ताह पूर्व ही लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड मेरठ ने मखदुमपुर क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य करवाया था जो कि बेहद ही घटिया स्तर का था जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है। सड़क बनते ही टूट कर बिखर गई थी। इसमें भुगतान को लेकर विभाग और निर्माण ठेकेदार की मिलीभगत की भी शिकायत सामने आई। 

इस खराब सड़क से संबंधित अवर, सहायक और अधिशासी अभियंता पर हो कड़ी कारवाही और आय से अधिक संपत्ति की जांच: लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बागपत द्वारा बनाई गई नैथला-बोहला मार्ग सड़क से जुड़े ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित तमाम अभियंताओं को संपत्ति की जाँच होनी चाहिए। 

एक साथ तीन डिवीजन का अधिशासी अभियंता रह चुका है अतुल कुमार। बागपत के प्रांतीय खंड के अतिरिक्त मेरठ स्थित प्रांतीय खंड और बागपत से मेरठ स्थान्तरित हुए निर्माण खंड का भी अधिशासी अभियंता के रूप में अतुल कुमार पर चार्ज रह चुका है। लाजमी है कि एक ही व्यक्ति को तीन अहम् डिवीज़न का चार्ज मिलेगा तो किस क्वालिटी का कार्य होगा यह चर्चा का विषय हो सकता है। इस दौरान टेंडर देने और भुगतान करने में कई प्रकार की अनियमिताएं बरती गई। एक ही डिवीज़न का बजट एक साल का सौ करोड़ रूपये से अधिक होता है। तीनो डिवीज़न में कई सौ करोड़ रुपए के निर्माण कार्य कराएं गए। सभी कार्यों के भुगतान बिलों का उच्च स्तरीय ऑडिट/जांच की जरूरत है। भुगतान के लिय की गई बड़ी बड़ी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार खुलकर बाहर निकलेंगे।

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