चार लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह रंगेहाथ गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज और निलंबन 

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-12-25 23:44 IST
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चार लाख की रिश्वत लेते इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह रंगेहाथ गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज और निलंबन 

मेरठ। एंटी करप्शन टीम ने हापुड़ के डीसीआरबी प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने चार लाख की यह रिश्वत हत्या के एक मुकदमे में से आरोपियों के नाम निकालनेऔर हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने के लिए मांगी थी। रिश्वत लेने के आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया हैऔर उसके खिलाफ मेरठ के थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया है और आरोपी को सस्पेंड भी दिया के खिलाफ विभागीय जाँच के आदेश दिए। ग़ौरतलब है कि आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह जनपद हापुड़ में डीसीआरबी में प्रभारी के तौर पर तैनात था। 

डीसीआरबी क्या है: डीसीआरबी का मतलब डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो है। डीसीआरबी जिला पुलिस की क्रिमिनल इंटेलिजेंस और इन्फॉर्मेशन एजेंसी होता है और यह राज्य और देश की क्राइम-क्रिमिनल इन्फॉर्मेशन का एक ज़रूरी हिस्सा है।

क्या है मामला: दरअसल बागपत के खेकड़ा थाने में दर्ज एक हत्या के मुकदमे में दो मुख्य आरोपियों के नाम मुकदमे से निकालने और हत्या को आत्महत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करने बदले इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने हत्या के आरोपी पक्ष से चार लाख रुपयेकी रिश्वत ली गई थी। इस मामले में जब उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई तो एंटी करप्शन टीम ने घेराबंदी कर आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। इसी बीच आरोपी इंस्पेक्टर की टीम साथ झड़प हुई। लेकिन रिश्वतखोर इंस्पेक्टर की एक न चली और टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उससे रिश्वत में ली गई 4 लाख रूपये की रकम भी बरामद कर ली गई। इसके बाद आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

भ्रष्टाचार में रिश्वत लेने आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को सस्पेंड भी किया गया है। मुजफ्फरनगर के रामराज निवासी महेंद्र सिंह यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैऔर वर्तमान में हापुड़ जिले में डीसीआरबी प्रभारी था। महेंद्र सिंह को बागपत के खेकड़ा थाने में दर्जमुकदमा अपराध संख्या 288/2021 की जांच मिली थी। बागपत निवासी रिचपाल ने अपनी कुछ जमीन धारा सिंह और उसके भाइयों को बेची थी। जमीन बेचने के कुछ समय बाद रिचपाल ने सुसाइड कर लिया। इस मामले में उसके परिजनों ने धारासिंह और उसके परिवार के अजयपाल, मनोज, हरिश, दीपक, मनोज पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में पूर्व में चार विवेचक बदल चुके थे और वर्तमान में विवेचना हापुड़ पुलिस को ट्रांसफर की गई थी। आरोप है कि मुकदमे में विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने आरोपी पक्ष के लोकेश बैंसला निवासी गांव गोठरा खेकड़ा बागपत से दो आरोपियों अजयपाल और मनोज के नाम निकालने और हत्या की जगह आत्महत्या की धारा में मुकदमा तरमीम करने के लिए रिश्वत मांगी थी। पूर्व में ढाई लाख रुपये की रकम दी जा चुकी थी। महेंद्र सिंह ने चार लाख रुपये की डिमांड की थी और लगातार परेशान कर रहा था। परेशान होकर लोकेश बैंसला ने दो दिन पहले एंटी करप्शन टीम मेरठ से इस मामले में शिकायत कर दी।

इसके बाद इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की घेराबंदी शुरू की गई। बुधवार दोपहर 12.50 बजे नंदविहार कॉलोनी के गेट नंबर दो पर इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने लोकेश को रकम लेकर बुलाया था। इस दौरान एंटी करप्शन की टीम ने घेराबंदी कर ली और रिश्वत की रकम लेते हुए इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपी इंस्पेक्टर ने फरार होने का प्रयास किया, लेकिन टीम से बच नहीं पाया। इसके बाद उसे कंकरखेड़ा थाने लाया गया। इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार की तहरीर पर कंकरखेड़ा थाने में महेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज होने के बाद हापुड़ एसपी ने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है। रवानगी कराकर रिश्वत वसूलने पहुंचा इंस्पेक्टर बागपत से दो साल पहले मुकदमा अपराध संख्या 288/2021 की विवेचना हापुड़ क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दी गई थी। यह विवेचना उसी समय से इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के पास थी। बाद में महेंद्र सिंह को डीसीआरबी प्रभारी बनाया गया, लेकिन विवेचना इनके ही पास रही। इस मामले मेंजांच का हवाला देकर इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने हापुड़ में बागपत जाने के लिए रवानगी दर्ज कराई। 


इसके बाद इंस्पेक्टर रोहटा रोड स्थित शांतिकुंज कॉलोनी में अपने आवास आ गया। यहीं से लोकेश बैंसला को व्हाट्सएप कॉल करके रकम मांगी गई और मेरठ बुलाया गया। इसके बद एंटी करप्शन टीम को इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह द्वारा चार लाख रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद इंस्पेक्टर को चार लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। 

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