भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण: जैना ज्वैलर्स का सेंट्रल मार्केट स्थित शोरूम का 12 सितंबर को मानचित्र पास 22 सितंबर में बिल्डिंग बनकर तैयार और उदघाटन

  • [By: Meerut Desk || 2025-10-05 13:34 IST
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भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण: जैना ज्वैलर्स का सेंट्रल मार्केट स्थित शोरूम का  12 सितंबर को मानचित्र पास 22 सितंबर में बिल्डिंग बनकर तैयार और उदघाटन

नवरात्रों के प्रथम दिन भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री अभिनेत्री हेमा मालिनी के उद्घाटन के बाद सुर्ख़ियों में आए शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट स्थित जैना ज्वेलर्स शोरूम के अवैध निर्माण में भ्रष्टाचार का बड़े खेल का पर्दाफाश हो गया है।

ऐसा ही एक मामला ईदगाह चौराहे पर होटल करीम्स का है। उसका उद्घाटन होना था। अख़बारों में कई लाख रूपये के फुल पेज विज्ञापन प्रकाशित कराये गए। एशियन एक्सप्रेस ने उक्त अवैध निर्माण का बखूबी समाचार प्रकाशित किया था और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया था जिसके चलते उद्घाटन वाले दिन ही होटल करीम्स पर विकास प्राधिकरण ने सील लगा दी थी। 

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दरअसल 22 सितंबर को जैन ज्वैलर्स के नए शोरूम का सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर में शुभारंभ किया गया, लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि स्वीकृत मानचित्र केवल 12 सितंबर को पास हुआ था। यानी 10 दिन में पूरी बिल्डिंग तैयार हो गई। जबकि इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य कई सालों से चल रहा था। जोकि आवास विकास परिषद के अधिकारियों को कतई दिखाई नहीं दिया। यह केवल अवैध निर्माण का चमत्कार नहीं, बल्कि प्रशासनिक खेल और विभागीय लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। वास्तव में यह भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण का मामला ही नहीं वरन आवास विकास परिषद की जानबूझ बरती गई लापरवाही का भी मामला है। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर इस मामले में गंभीर संलिप्तता उजागर की है।

लोकेश खुराना के अनुसार, भूखंड संख्या 259/6, योजना संख्या-7, शास्त्रीनगर में मानचित्र केवल गवर्नमेंट अप्रूवड जिमोलॉजिस्ट ज्वेलर्स वैल्यूर और ग्रेड्स के कार्य की अनुमति देता था। इसके बावजूद व्यवसायिक शोरूम खोल दिया गया। अधिशासी अभियंता आफताब अहमद की ओर से बार-बार निर्देश देने के बावजूद अवर अभियंता अजब सिंह ने नोटिस निर्गत नहीं किया। केवल उच्चाधिकारियों की चेतावनी के बाद 21 सितंबर को नोटिस जारी हुआ सबसे गंभीर तथ्य यह है कि एक ही प्लॉट पर दो नक्शे पास हो गए एक प्रदीप अग्रवाल के नाम और दूसरा रोहित जैन पुत्र नवीन चंद जैन के नाम कानून के अनुसार यह संभव नहीं है। अवर अभियंता की सुस्ती या कहे कि भ्रष्टाचार और विभाग की अनदेखी ने व्यवसायिक प्रयोग को रोकने में विफलता दिखाई।

नियमों की उड़ी धज्जियां: आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने स्पष्ट किया कि संबंधित अवर अभियंता अजब सिंह की ओर से नोटिस समय पर नहीं दिए जाने की वजह से विभाग की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हुई है। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सक्षम अधिकारी ने 23 सितंबर को पत्र जारी कर 15 दिन के भीतर अनाधिकृत निर्माण हटाने का आदेश दिया। 

आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना के अनुसार यह केवल शोरूम का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। यह भ्रष्टाचार का मामला है। यह मामला मेरठ में आवास विकास परिषद में चल रहे नियमों के उल्लंघन और विभागीय भ्रष्टाचार की जीती जागती मिसाल है, जो प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर संकेत देता है

जैना ज्वेलर्स से जुड़े पीके जैन रेलवे रोड स्थित वर्धमान अकादमी में सचिव पद पर रह चुके है। वर्धमान अकादमी परिसर में छत्रावास का अवैध निर्माण किया गया था जिसके उद्घाटन का जिले के तत्कालीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इंकार कर दिया था। 

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