नगर निगम मेरठ का 20 करोड़ का निर्माण घोटाला और खसरा सं 6041 पर अवैध कब्ज़ा, जाँच के लिए मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट 

  • [By: Meerut Desk || 2025-11-03 01:08 IST
  • 108
नगर निगम मेरठ का 20 करोड़ का निर्माण घोटाला और खसरा सं 6041 पर अवैध कब्ज़ा, जाँच के लिए मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट 

मेरठ। जिस निगम पर व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है वहीँ नियम कानून तक पर रखकर अलीगढ के एक व्यापारी की खसरा संख्या 6041 भूखंड पर अवैध रूप से कब्ज़ा करके और बिना आवास विकास परिषद से नक्शा स्वीकृत कराये ही 20 करोड़ रूपये से अधिक का निर्माण कार्य करा रहा है। गौरतलब है कि अभी तक नगर निगम ने  भूखंड के मालिक को कोई भी भुगतान या मुवाअजा नहीं दिया है। शिकायतकर्ता डॉ प्रेम सिंह ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर इस अरबों रूपये के घोटाले की जाँच सीबीआई, ईडी अथवा हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर उच्च स्तरीय जाँच की जाये। इसके अलावा दोषी अधिकारियों पर आपराधिक और विभागीय कार्यवाही की जाये। गौरतलब है कि यह निर्माण कार्य शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्किट स्थित अवैध काम्प्लेक्स एवं 31 अन्य अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण के आदेश देने के बाद शुरू किया गया है। यानी हमें किसी की भी परवाह नहीं। 

बताया जा रहा है कि खसरा संख्या 6041 पर मालिकाना हक़ अलीगढ के एक व्यापारी का है। जिसकी लगभग 9 एकड़ भूमि बिना क़ानूनी प्रक्रिया पूरी किये नगर निगम ने अपने कब्जे में ले ली है जोकि असंवैधानिक है। अब नगर निगम ने उनकी भूमि पर बिना उनकी अनुमति लिए निर्माण कार्य भी करना शुरू कर दिया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 1976 में नगर निगम (तत्कालीन नगर पालिका) ने इस भूमि का कूड़ा डालने के लिए अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन वह प्रक्रिया कभी पूरी ही नहीं हुई और न ही जमीन मालिक को कोई भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त न ही कोई अर्जन पत्रावली ही पूरी की गई। दरअसल राजन कुंज निवासी ड़ॉ प्रेमसिंह ने खसरा संख्या 6041 में चल रहे अवैध निर्माण की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि ये निर्माण सरकारी खजाने की बर्बादी एवं दुरूपयोग है। 

दूसरी और आवास विकास परिषद् के अधिशासी अभियंता आफ़ताब अहमद ने भी नगर निगम को अगस्त महीने में एक नोटिस भेजा है जिसमे कहा गया है कि शास्त्री नगर स्थित खसरा संख्या 6041 परिषद् की योजना में शामिल भूमि है नगर निगम ने बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अवैध निर्माण कराया है जोकि नगरीय योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 14 का उल्लंघन है। उक्त नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित निर्माण  मानचित्र की स्वीकृति नहीं हुई तो यह निर्माण अवैध कहा जायेगा। भविष्य में सख्त क़ानूनी कार्यवाही से नगर निगम को असुविधा हो सकती है। 

SEARCH

RELATED TOPICS