भ्रष्टाचार चरम पर: मेरठ में अवैध निर्माण की बाढ़, विकास प्राधिकरण की लगी सील तोड़कर अवैध निर्माण तीव्र गति से जारी

  • [By: Meerut Desk || 2024-11-18 14:55 IST
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भ्रष्टाचार चरम पर: मेरठ में अवैध निर्माण की बाढ़, विकास प्राधिकरण की लगी सील तोड़कर अवैध निर्माण तीव्र गति से जारी

मेरठ। जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लाख सख्ती के बावजूद अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी। अवैध निर्माणकर्ताओं के विकास प्राधिकरण अधिकारियों के साथ मिली भगत के चलते अवैध निर्माण कार्य तेजी से जारी है। ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में अवैध निर्माण और सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों पर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए है। इसके बावजूद विकास प्राधिकरण में जड़ तक घुस चुके भ्रष्टाचार के चलते अवैध निर्माण बिना कानून और शासन के डर के लगातार जारी है। 

900 अवैध निर्माणों को ध्वस्तीकरण का नोटिस: विकास प्राधिकरण ने 1 जनवरी 2024 से 15 नवंबर 2024 तक लगभग 900 अवैध निर्माणकर्ताओं को अवैध निर्माणों की धवस्त करने के बाबत नोटिस जारी किये है। लेकिन इन 900 अवैध निर्माणों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। मिलीभगत और लाखों की वसूली के चलते तमाम अवैध निर्माण बराबर प्रगति पर है। कुछ बनकर तैयार हो चुके है। कुछ अभी भी बन रहे है। विकास प्राधिकरण की मिलीभगत के चलते ही आवासीय भूखंडों पर और गलियों में बड़े बड़े कॉम्प्लेक्स, प्लाजा, होटल, शोरूम बनकर तैयार हो चुके है। इन अवैध निर्माणों से राज्य सरकार को कई सौ करोड़ रूपये के राजस्व की हानि हो रही है। लेकिन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर इसका कुछ असर नहीं पड़ता। अपनी जेब भरनी चाहिए बस। 

  1. पल्लवपुरम में एक आवासीय भवन के स्थान पर एक बड़ा अवैध कॉम्प्लेक्स बन कर तैयार हो गया। शिकायत मिलने पर विकास प्राधिकरण अधिकारियों ने मज़बूरी में इस अवैध निर्माण पर सील लगा दी। लेकिन विकास प्राधिकरण अधिकारियों के साथ मिलीभगत से अवैध निर्माणकर्ता ने अपना कॉम्प्लेक्स बनाकर तैयार कर लिया और उस अवैध कॉम्प्लेक्स में बनी कई दुकानें भी बेच दी। एशियन एक्सप्रेस ने अवैध निर्माण की ख़बर को इस कई बार प्रमुखकता से प्रकाशित किया था। 
  2. दिल्ली रोड ईदगाह तिराहे पर स्थित होटल करीम्स पर विकास प्राधिकरण ने उसके उद्घाटन से एक दिन पूर्व सील लगा दी। लेकिन मिलीभगत से अवैध निर्माण कार्य चलता रहा। अभी होटल करीम्स का धड्ड्ले से संचालन किया जा रहा है। विकास प्राधिकरण ऑंखें मूंदे बैठा है। एशियन एक्सप्रेस ने अवैध निर्माण की इस ख़बर को कई बार प्रमुखकता से प्रकाशित किया था। 
  3. नेहरू रोड स्थित एक आवासीय भवन को एक बड़े होटल में तब्दील कर दिया गया। अवैध निर्माण होता रहा। और विकास प्राधिकरण सोता रहा। एशियन एक्सप्रेस ने अवैध निर्माण की इस ख़बर को कई बार प्रमुखकता से प्रकाशित किया था। 

  4. गढ़ रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल के बराबर में दामोदर कॉलोनी डॉ रोहित कांबोज ने भी अपने आवासीय भूखंड पर नर्सिंग होम बनाकर खड़ा कर लिया। इस अवैध निर्माण की शिकायत कॉलोनीवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी मेरठ से की गई थी। जिसके चलते दिखाने के लिये विकास प्राधिकरण ने इस अवैध निर्माण पर सील लगा दी। लेकिन सील के बावजूद अवैध निर्माण का कार्य चलता रहा। और देखते ही देखते अवैध नर्सिंग होम बन कर तैयार हो गया। एशियन एक्सप्रेस ने अवैध निर्माण की इस ख़बर को कई बार प्रमुखकता से प्रकाशित किया था। 

     
  5. टीपी नगर स्थित भोला रोड पर शोरूम मालिक ने विकास प्राधिकरण द्वारा लगाई गई सील तो तोड़कर अवैध निर्माण को जारी रखते हुए लिंटर डाल दिया। अभी तक चार मंजिला शोरूम बनकर तैयार हो चुका है। और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस अवैध निर्माण की से अपनी ऑंखें मूंद ली। एशियन एक्सप्रेस ने अवैध निर्माण की इस ख़बर को कई बार प्रमुखकता से प्रकाशित किया था। 

मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा, "अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।" लेकिन आज भी शहर में कई जगह पर अवैध निर्माण धड्ड्ले से हो रहे है। और विकास प्राधिकरण प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। 

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