जैना ज्वैलर्स अवैध निर्माण: आवास विकास के अधिकारी अवैध निर्माण को बचाने जी जान से जुटे, लखनऊ से होगी कड़ी कार्यवाही

  • [By: Meerut Desk || 2025-10-14 10:32 IST
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जैना ज्वैलर्स अवैध निर्माण: आवास विकास के अधिकारी अवैध निर्माण को बचाने जी जान से जुटे, लखनऊ से होगी कड़ी कार्यवाही

जैना ज्वैलर्स अवैध निर्माण: आवास विकास के अधिकारी अवैध निर्माण को बचाने जी जान से जुटे, मुख्यमंत्री योगी तक पहुंचा मामला
मेरठ। शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्किट स्थित जैना ज्वैलर्स शोरूम के विवादित और अवैध निर्माण और उसके कमर्सिअल प्रयोग एवं चबूतरा बनाकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने वाले रोहित जैन के 259/6 आवासीय भूखंड पर बने महल को किसी भी तरह से बचाने के लिए आवास एवं विकास परिषद् के अभियंताओं ने कमर कस ली है।

आवास विकास परिषद मेरठ के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता आफताब अहमद और अवर अभियंता अजब सिंह के गजब बयान। जब एशियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ संवाददाता ने तीनों अधिकारियों से सेंट्रल मार्केट शास्त्री नगर स्थित जैना ज्वैलर्स शोरूम के अवैध निर्माण के बारे में पूछा कि क्या यह अवैध इमारत 10 दिन में बनकर तैयार हो गई है क्योंकि 22 सितंबर 2025 को जैना ज्वैलर्स शोरूम का उद्घाटन भाजपा सांसद हेमा मालिनी के द्वार किया गया था और उस भवन का मानचित्र 10 सितंबर 2025 को पास किया गया था। तो अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता सीधा और सत्य जवाब न देकर गोलमोल और झोलमोल जवाब देने लगे। तीनों अधिकारी जैना ज्वैलर्स के अवैध निर्माण को तन मन और पूरी लग्न और श्रद्धा के साथ बचाने में और अवैध निर्माण को सही ठहराने में लगे रहे। तीनों की बातों से लग रहा था कि आवास विकास के अधिकारी भारी भरकम अहसान के नीचे दबे पड़े है जहां ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नौकरी से वफादारी की भावना दबकर दम तोड़ चुकी है।

आवास विकास द्वारा 15 दिन में जवाब देने का नोटिस देने पर कुछ नहीं हुआ। एशियन एक्सप्रेस संवाददाता ने जब नोटिस का वक्त पूरा होने और विभाग द्वारा कार्यवाहीं करने के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए फोन किया तो अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार और अवर अभियंता अजब सिंह ने आदत से मजबूर फोन नहीं उठाया और न ही कॉल बैक किया। शायद उनके पास कोई जवाब ही नहीं होगा। लेकिन जो बोया है उसे काटना तो पड़ेगा ।

दरअसल गर्दन तक भ्रष्टाचार में डूबे आवास विकास के अधिकारी कुछ करेंगे भी नहीं। जैना ज्वैलर्स और कई अन्य अवैध निर्माणों पर कोई कार्यवाही नहीं करेंगे। अवैध निर्माणों को बचाने के लिए इनके पास सौ कारण हमेशा रहते है। फोर्स नहीं है। स्टाफ नहीं है छुट्टी पर है। शासन को भेजा है। अभी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित नहीं किया गया है। अवकाश है। गाड़ी में ईंधन नहीं है। हद है, अपना कर्तृत्व निभाने में भी सौ बहाने।


लेकिन बड़ी चीज यह है कि किन कारणों से आवास विकास अधिकारी अवैध निर्माण को सही ठहराने में जी जान से जुटे है। किसके इशारे पर यह सब हो रहा है। हमारी पड़ताल अभी जारी है।

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