लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त, फिर भी मरीजों का ईलाज कर रहे मेरठ के इंडियन और सरस्वती हॉस्पिटल

  • [By: Meerut Desk || 2024-11-04 15:45 IST
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लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त, फिर भी मरीजों का ईलाज कर रहे मेरठ के इंडियन और सरस्वती हॉस्पिटल

मेरठ: चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ अशोक कटारिया के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सप्ताह जनपद में अनियमितताएं बरतने वाले प्राइवेट अस्पतालों और अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान 13 प्राइवेट अस्पतालों के पंजीकरण निरस्त किए थे। इतना ही नहीं तीन प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। तीन प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। इसके साथ साथ एक प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी है। इसके अलावा तीन पैथोलॉजी लैब व दो डायग्नोस्टिक सेंटर और 38 अपंजीकृत चिकित्सकों की क्लीनिक बंद कराई थी। लेकिन पंजीकरण निरस्त होने के बावजूद शास्त्रीनगर में सरस्वती नामक एक प्राइवेट हॉस्पिटल संचालित हो रहा है। यहां मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सरधना विधायक अतुल प्रधान ने निजी अस्पताल और स्कूल के लिए एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद से ही प्रशासन कार्यवाई कर रहा है। दरअसल, जनपद में बड़ी संख्या में प्राइवेट अस्पतालों में अनियमितताएं बरती जा रही थी। किसी में मरीजों के उपचार में लापरवाही बरती जा रही थी तो किसी में मानकों के अनुसार संचालन नहीं किया जा रहा था। इसकी शिकायतें लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की जा रही थीं। इनके साथ साथ कई झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ भी लोगों द्वारा सीएमओ को शिकायतें की जा रही थीं। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 13 प्राइवेट अस्पतालों के पंजीकरण निरस्त कर किए थे। तीन प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ उनके खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। तीन प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। एक प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई थी तथा तीन पैथोलॉजी लैब व दो डायग्नोस्टिक सेंटर और 38 अपंजीकृत चिकित्सकों की क्लीनिक बंद कराई थीं। सरस्वती हॉस्पिटल, शास्त्रीनगर मेरठ का भी पंजीकरण निरस्त किया गया था। लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी सरस्वती अस्पताल में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

मुकदमा दर्ज होगा: मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कटारिया का कहना है कि सरस्वती हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त किया जा चुका है। यदि पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी उसमें मरीजों का उपचार किया जा रहा है तो उक्त अस्पताल के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त, फिर भी मरीजों का ईलाज कर रहे इंडियन हॉस्पिटल 
जनपद के सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया द्वारा कई हॉस्पिटल के लाइसेंस निरस्त व निलंबित किये गए। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से कई निलंबित हॉस्पिटल में मरीजों का उपचार चालू है। इससे कई मरीजों की जान का खतरा पैदा हो गया है। जबकि सीएमओ ने आम लोगों से अपील की है कि बिना पंजीकृत चिकित्सालयों में अपने मरीज कर इलाज न कराए, ताकि किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। सीएमओ डा. अशोक कटारिया का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगातार शिकायत मिल रही है कि हॉस्पिटल का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद कई हॉस्पिटल मरीजों का उपचार करवा रहे हैं। उनके खिलाफ जांच कराई जा रही है, दोषी पाए जाने पर संबधित पुलिस थाने में आरोपी के ख़िलाफ़ मुकदमा लिखाया जायेगा। 

ग़ौरतलब है कि सीएमओ डा. अशोक कटारिया ने जनपद में संचालित पंजीकृत हॉस्पिटलों के खिलाफ प्राप्त शिकायत व भौतिक निरीक्षण के बाद शास्त्री नगर स्थित प्रमोद हॉस्पिटल, सरस्वती हॉस्पिटल, जेल चुंगी स्थित श्रीप्रेम मेमोरियल हॉस्पिटल, गढ़ रोड स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल, सुपर मेक्स हॉस्पिटल, इंडियन हॉस्पिटल, कंकर खेड़ा स्थित एबीएस हॉस्पिटल, परीक्षितगढ़ स्थित प्रिया हॉस्पिटल, दिल्ली रोड स्थित कायाकल्प हॉस्पिटल के लाइसेंस निरस्त किए। इसके साथ जेल चुंगी स्थित गोस्वामी हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल के लाइसेंस निलबिंत किए। इसके साथ परीक्षितगढ़ में श्री नारायण हॉस्पिटल, जेबीएमआर हॉस्पिटल, मेरठ मेडिको सेंटर के लाइसेंस निरस्त करके रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके बाद भी कई हॉस्पिटल संचालक लाइसेंस कैंसिल होने पर भी मरीजों का उपचार कर रहे हैं। 

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