दिल्ली रोड स्थित सरस्वती लोक में अवैध निर्माण की बाढ़, योगी सरकार को कई सौ करोड़ राजस्व का नुकसान, कार्यवाही कब

  • [By: Meerut Desk || 2025-10-23 11:15 IST
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दिल्ली रोड स्थित सरस्वती लोक में अवैध निर्माण की बाढ़, योगी सरकार को कई सौ करोड़ राजस्व का नुकसान, कार्यवाही कब

मेरठ। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेहद सख्ती के बावजूद जनपद में अवैध निर्माण की बाढ़ सी आ गई है। खासतौर से दिल्ली रोड स्थित सरस्वती लोक और उसके बराबर में द्वारिका पुरी कॉलोनी में चारो तरफ अवैध निर्माण कार्य चरम पर है। बिल्डर जी-2 फ्लैट्स बनाकर ऊंचे रेट पर बेच रहे है जिसमे सर्किल रेट से प्रॉपर्टी का बैनामा किया जाता है और बाकी पैसे ब्लैकमनी के रूप में लिया जाता है। आयकर विभाग को भी ऐसे टैक्स चोर बिल्डरों की जाँच करनी चाहिए। 

मौजूदा समय में सरस्वती लोक के एफ ब्लॉक में सैकड़ों फ्लैट्स विकास प्राधिकरण से बिना मानचित्र पास कराये और राज्य सरकार को कई सौ करोड़ रूपये के राजस्व को चूना लगा दिया गया। विकास प्राधिकरण खामोश है। कार्यवाही के नाम पर जीरो। अभी एफ-ब्लॉक में दर्जनों भूखंड पर बिना राजस्व चुकाए और बिना मानचित्र पारित कराये सौ से अधिक फ्लैट्स बन रहे है। लोगों को धोखा देने के लिए 9 इंची का पिलर जिसमे घटिया निर्माण सामग्री भरी जा रही है, खड़ा करके कच्ची ईंटों से चुनवाकर 1/8-10 का मसाला लगाकर प्लास्टर कराकर उसपर सफ़ेद पुताई करवा दी जाती है ताकि लोगो को यह लगे कि यह भवन पुराना है। 

वैसे तो पूरे सरस्वती लोक के एफ ब्लॉक में अवैध निर्माण जोरो पर चल रहा है। निम्न अर्धनिर्मित अवैध निर्माणों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जानी चाहिए। 

सरस्वती लोक ब्लॉक-F में भूखंड संख्या 36-37 से पर बना यह अर्धनिर्मित अवैध निर्माण, इस भूखंड पर 6 फ्लैट्स का बिना मानचित्र पारित अवैध निर्माण किया गया है। निर्माण सामग्री की भी लोक निर्माण विभाग की लैब में जाँच जरुरी है। 

सरस्वती लोक ब्लॉक-F में पानी की टंकी के बिलकुल सटा हुआ यह अवैध निर्माण, इस भूखंड पर 9 फ्लैट्स का बिना मानचित्र पारित अवैध निर्माण किया गया है। निर्माण सामग्री की भी लोक निर्माण विभाग की लैब में जाँच जरुरी है। 

फ्लैट्स

सरस्वती लोक ब्लॉक-F में भूखंड संख्या 188 से बिलकुल सटा हुआ अवैध निर्माण, इस भूखंड पर 6 फ्लैट्स का बिना मानचित्र पारित अवैध निर्माण किया गया है। निर्माण सामग्री की भी लोक निर्माण विभाग की लैब में जाँच जरुरी है। 

इस अवैध निर्माण की भी जाँच जरुरी है।

घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग लोगो की जान-माल का खतरा: इन अवैध निर्मित फ्लैट्स में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिवार पर एक कील भी लगानी हो तो पूरा प्लास्टर उखड जाता है। राज्य सरकार के राजस्व की चोरी कर रहे और घटिया निर्माण कार्य से लोगों की जिंदगी को दांव पर लगा रहे लालची बिल्डर फ्लैट्स बेचकर और पैसा बटोर कर निकल लेता है। प्रदेश के राजस्व और टैक्स चोरी की आयकर विभाग और ईडी द्वारा गहन जाँच की आवश्यकता है इसके साथ ही घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन लालची बिल्डरों पर मंडलायुक्त द्वारा लोक निर्माण विभाग दवारा प्रयुक्त की जारी निर्माण सामग्री की उच्च स्तरीय जाँच कराकर ऐसे बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। 

भूकंप विरोधी मानक पर यह बिल्डिंग खरी नहीं उतरती: इस 3-4 मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में निर्माण संबंधी मानकों को भी अनदेखा किया गया। क्योंकि निर्माणकर्ता का काम सिर्फ दुकाने बनाकर और उन्हें भारी कीमत में बेचकर सिर्फ भारी भरकम मुनाफा कमाना होता है। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल से बाद में चाहे बिल्डिंग गिर जाये या कोई बड़ा हादसा हो जाये निर्माणकर्ता को कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी बिल्डिंग में मानक के अनुसार एक आदर्श रूप में 5-1 का मसाला लगना चाहिए। अर्थात 5 तसले रेत और 1 तसला सीमेंट। जबकि बताया जा रहा है कि इसमें 10-1 यानी 10 तसले रेत और 1 तसला सीमेंट लगाया गया है। यानि रेत के ढेर पर 3 मंजिला बिल्डिंग खड़ी कर दी गई। पिलर भी नौ इंची के खड़े किये गए है जिसमे 6-1 का मसाला लगाया गया है जबकि बहुमंजिला बिल्डिंग में कम से कम 3-1 का मसाला लगना ही चाहिए। पिलर के साथ ही जहाँ दीवारें कम से कम 9 इंची की होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। दीवारें 4 इंची की चुनी गई है। बहुमंजिला बिल्डिंग में लोहे का सरिया भी कम मात्रा में लगाया गया है। यह सब चीजें घटिया निर्माण कार्य की और ईशारा करती है, जिससे बिल्डिंग कभी भी धराशाही हो सकती है। भूकंप विरोधी मानक पर यह बिल्डिंग कतई खरी नहीं उतरती है। इस बिल्डिंग में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की लोक निर्माण विभाग द्वारा उच्च स्तरीय जाँच कराने की अति आवश्यकता है।

सरस्वती लोक के एफ ब्लॉक में विकास प्राधिकरण द्वारा बिना मानचित्र पारित बन रहे इन अवैध निर्माण के बाबत जब एशियन एक्सप्रेस ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय मीणा आईएएस, से पूछा तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है दिवाली बाद इनकी जाँच कराकर कर कार्यवाही की जाएगी। 

समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट आदेश त्यागी ने कहा कि सरस्वती लोक के तमाम अवैध निर्माण और करोडो की राजस्व की हानि की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। 

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