मेरठ नगर निगम में अधिकारियों के अपमान पर कर्मचारियों का कार्य-बहिष्कार

  • [By: Meerut Desk || 2025-08-26 14:34 IST
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मेरठ नगर निगम में अधिकारियों के अपमान पर कर्मचारियों का कार्य-बहिष्कार

मेरठ। चौधरी चरणसिंह विवि के सभागार में हुई नगर निगम बोर्ड बैठक में कई बार शब्दों की गरिमा तार-तार की गई। सभासदों ने नगरायुक्त सौरभ गंगवार और अन्य अधिकारियों को 'चोर-चोर' कहकर संबोधित किया जिससे नाराज होकर तमाम अधिकारी बैठक छोड़कर चले गए। मंच पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया अकेले बैठे रहे। वह सभासदों को समझाने का प्रयास भी करते रहे लेकिन भाजपा समेत अन्य दलों के सभासद अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का रूप लगाते रहे। निगम के पुराने और बड़े ठेकेदार अतुल दीक्षित का नगर आयुक्त के साथ फोटो दिखाकर सभासदों ने नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सभासद बैठक छोड़कर महापौर से मंडलायुक्त कार्यालय चलने की मांग करते रहे 

बोर्ड बैठक के शुरू होने से पहले ही विवाद खड़े हो जाने के कारण नगर निगम कर्मचारियों और पार्षदों के बीच टकराव हो गया है। पार्षदों ने नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचर के आरोप लगाए। जिसके चलते कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के अपमान का आरोप लगाया है और पार्षद उत्तम सैनी से माफी मांगने की मांग की है। 

दरअसल शनिवार को चौधरी चरणसिंह विवि स्थित अटल सभागार में आयोजित नगर निगम बोर्ड बैठक में एजेंडे पर चर्चा से पहले ही भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार और ठेकेदार अतुल दीक्षित के एक फोटो को लेकर सदन में मामला उठा दिया। वहीं पार्षद संजय सैनी और पवन चौधरी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बैनर टांग दिए। कई सभासद नगरायुक्त के सामने चोर-चोर के नारे लगाने लगे। जिसके चलते नगर आयुक्त और अन्य निगम अधिकारी तथा कर्मचारी बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। 

लगभग आधे घंटे तक मेयर, निगम अधिकारियों, कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। उसके बाद मेयर ने अनिश्चितकाल के लिए बैठक को स्थगित कर दिया। उधर, निगम कर्मचारियों ने नगर निगम में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया। रविवार को राजकीय अवकाश के कारण कोई विशेष असर नहीं रहा। 

सोमवार को नगर निगम कर्मचारियों की गेट मीटिंग होगी। इसके बाद निगम कर्मचारी आगे की रणनीति तय करेंगे। निगम कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने बयान मेंकहा है कि पार्षद उत्तम सैनी का कृत्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब तक पार्षद की ओर से सार्वजनिक तौर से माफी नहीं मांगा जाती, तब तक कार्य बहिष्कार रहेगा।

दूसरी और मेरठ महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में सुबह 10 बजे पार्षदों की मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में अन्य मुद्दों के साथ नगर निगम बोर्ड बैठक के हंगामे पर भी विचार होगा। भाजपा पार्टी नेतृत्व शनिवार की घटना सेनाराज है। पार्टी नेताओं का कहना है बैठक मेयर की अध्यक्षता में मेयर की अनुमति से होनी चाहिए थी। इस संबंध में महानगर अध्यक्ष की ओर से सभी पार्षदों को संदेश भेजा गया था, जिसमें पार्षदों से निवेदन किया गया था नगर निगम बोर्ड बैठक में जनहित के विषय सदन के समक्ष रखें।

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