जिंदा पति की मौत का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर हड़पे बीमा के 25 लाख, दोनों गिरफ्तार

  • [By: Meerut Desk || 2025-11-06 00:42 IST
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जिंदा पति की मौत का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर हड़पे बीमा के 25 लाख, दोनों गिरफ्तार

लखनऊ: जिंदा पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर इंश्योरेंस पॉलिसी के 25 लाख रुपये हड़पने वाले दंपति को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस धोखेबाजी में पति पत्नी दोनों मास्टरमाइंड थे। दोनों ने मिलकर बीमा कंपनी से 25 लाख रूपये हड़पने का यह प्लान बनाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

क्या है मामला: पति के जिंदा रहते, उसका फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर इंश्योरेंस पॉलिसी के 25 लाख रुपये हड़पने वाले जालसाज पति पत्नी को हजरतगंज पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। महिला ने पॉलिसी की 25 लाख रूपये की भारी भरकम रकम हड़पने की नियत से यह खेल खेला था। इस खेल का पर्दाफाश होते ही इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी ने हजरतगंज थाने में पति पत्नी के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जालसाज दंपति को गिरफ्तार कर लिया।

एसीपी हजरतगंज विकास कुमार जायसवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रायबरेली रातापुर के प्रगतिपुरम कालोनी निवासी रवि शंकर और उसकी पत्नी केश कुमारी है। दोनों यहां सीतापुर रोड पर जानकीपुरम सेक्टर-एफ में रहते थे। रवि शंकर एक कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करता था। इस मामले में नौ अक्तूबर को अवीवा इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के सीनियर एक्जीक्युटिव संदीप मधुकर ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि रवि शंकर ने पांच दिसंबर 2012 को 25 लाख रुपये की पालिसी कराई थी। 21 अप्रैल 2023 को पालिसी धारक रवि शंकर की पत्नी केश कुमारी ने पति को मृत दर्शाकर बीमा की रकम लेने के लिए आवेदन किया। मृत्यु प्रमाणपत्र में पति की मौत नौ अप्रैल 2023 को दर्शायी थी।

तथाकथित विधवा केश कुमारी के बीमा के 25 लाख रूपये के लिए आवेदन करने के बाद बीमा कंपनी ने दस्तावेजों के आधार पर उनके खाते में चौथे दिन 25 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी। इस बीच 2024 को बीमा कंपनी को जानकारी हुई कि तथाकथित विधवा केश कुमारी ने जिस रविशंकर का मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर बीमा क्लेम लिया था वह रविशंकर तो जिंदा है। इस फ्रॉड के बाद बीमा कंपनी ने बीमा क्लेम लेने के लिए  उसकी पत्नी द्वारा लगाए गए दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी लगा है। इसके बाद 9 अक्टूबर को संदीप मधुकर ने फ्रॉड दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जांच में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और उनकी टीम को लगाया गया था। दोनों आरोपियों को बुधवार दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 

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