एमएसएमई में तीन लाख से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देगी योगी सरकार, शासनादेश जारी

  • [By: Meerut Desk || 2025-11-10 01:37 IST
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एमएसएमई में तीन लाख से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देगी योगी सरकार, शासनादेश जारी

लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार अब सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करनेके लिए आर्थिक मदद देने जा रही है। इसके साथ ही योगी सरकार विदेशों में स्टाल लगाने और डिजिटल मार्केटिंग के लिए भी सहायता प्रदान करने जा रही है। इस संबंध में योगी सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है। 

दरअसल यूपी सरकार सूक्ष्म लघुएवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करनेके लिए आर्थिक मदद देगी। लेकिन इसके लिए एक माह पहले निर्यातकों को प्रोत्साहन ब्यूरो उत्तर प्रदेश में आवेदन करना होगा। त्वरित निर्यात विकास प्रोत्साहन योजना के तहत यह लाभ दिया जाएगा। 

इस शासनादेश के संबंध में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार ने कहा कि विदेशी या अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वदेशी मेला-प्रदशर्नी, बायर्स-सेलर्स-मीट में शामिल होने या आयोजन के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। निर्यात उत्पदों के प्रचार-प्रचार के लिए विज्ञापन, कैटलॉग प्रिटिंग, वेबसाइट विकास, डिजीटल सामग्री विकास, डिजीटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया विज्ञापन पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। विदेशी खरीददार को नमूना भेजने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित प्रमाणीकरण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

निर्यातक इकाई के व्यक्तिगत रूप से विदेशी मेला-प्रदशर्नी शामिल होने और वहां स्थान किराये पर लेने पर खर्चराशि का 75 प्रतिशत या अधिकतम 3.25 लाख रुपये दिया जाएगा। मेला प्रदर्शनी में इकाई के मालिक, साझेदार, निदेशक या अधिकृत व्यक्ति द्वारा इकोनॉमी क्लास हवाई किराये खर्च का 75 प्रतिशत या अधिकतम 1.25 लाख रुपये दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल बी2बी एक्जीवीशन्स या बायर्स-सेलर्स-मीट में शामिल होने वाली इकाइयों के कुल खर्चका 75 प्रतिशत या 25000 रुपये प्रति फेयर के हिसाब से दिया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वदेशी मेला प्रदर्शनी में शामिल होने पर खर्चका 75 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ रुपये आयोजक संस्था को उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें न्यूनतम 30 इकाइयों का शामिल होना अनिवार्य होगा। वर्चुअल मेल प्रदर्शन पर खर्च के लिए 25 लाख रुपये सहायता दी जाएगी। इसमें न्यूनतम 100 इकाइयों के शामिल होने की अनिवार्यता होगी। डिजिटल मार्केटिंग व प्रचार-प्रसार पर खर्च का 75 प्रतिशत या एक लाख रुपये  की आर्थिक मदद की जाएगी।

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