अवैध निर्माणों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आवास विकास के अधीक्षण, अधिशासी, सहायक और अवर अभियंता को हटाया, लखनऊ अटैच

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-11-20 10:17 IST
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अवैध निर्माणों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आवास विकास के अधीक्षण, अधिशासी, सहायक और अवर अभियंता को हटाया, लखनऊ अटैच

मेरठ। अवैध निर्माणों में घूस लेकर उन्हें संरक्षण देने, अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करने के बजाय पूरे जी जान से उन्हें बचाने में जुटने वाले आवास विकास परिषद् के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता आफताब अहमद, सहायक अभियंता सौरभ कुमार और अवर अभियंता संदीप कुमार पर शासन ने आखिर कार्यवाही कर ही दी। सेंट्रल मार्किट में बने अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करने और करने के आरोपों से घिरे इन चारों अभियंताओं को शासन ने मेरठ से हटाकर कर लखनऊ ऑफिस में अटैच कर दिया है। अटैच करने का अभिप्राय निलंबित करके इन्हे लखनऊ अटैच कर दिया गया है यानि कोई प्रभार नहीं। इस कार्यवाही के साथ ही अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वाले इन अधिकारियों की विभागीय जाँच के भी आदेश दिए गए है। एशियन एक्सप्रेस लगातार आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मनमानापन और नाकारापन से संबंधित खबरे प्रकाशित करता रहा है। जब भी हमारे संवाददाता इन अधिकारियों से अवैध निर्माण के बाबत जानकारी लेते तो ये अधिकारी सीधा एक ही जवाब देते कि जैना ज्वेलर्स के भवन में कुछ भी गलत नहीं है। मतलब मोटी रकम लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाने के आदी हो चुके थे ये निलंबित अधिकारी। खैर योगी सरकार ने इन नाकारा अधिकारियों को सबक सीखा ही दिया। सत्यमेव जयते। 

गौरतलब है कि 13 नवंबर 2025 को गाज़ियाबाद तथा मेरठ सर्किल में मनमाने तरीके से मानचित्र स्वीकृत करने के आरोपों को भी इन कार्यवाही में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट के अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करने के आदेश के बावजूद 'कुछ नहीं करने' के चलते भी इन नाकारा अधिकारियों पर कार्यवाही की गई। 

मेरठ में अब नए अधिकारियों की नियुक्ति: शासन ने आवास विकास परिषद के उपरोक्त चारों अधिकारियों को निलंबित करने के बाद राहुल यादव को मेरठ सर्किल का नया अधीक्षण अभियंता बनाया है। अधिशासी अभियंता निर्माण खंड प्रथम के पद पर सत्येंद्र सिंह और सहायक अभियंता के पद पर अयोध्या के अनुज वर्मा को नियुक्त किया गया है। 


रॉयल प्लाजा में अवैध निर्माण: जनपद में हापुड़ रोड पर शास्त्रीनगर स्थित 4 मंजिला रॉयल प्लाजा कॉमर्सिअल भवन के अवैध निर्माण पर आवास विकास परिषद् द्वारा कार्यवाही नहीं करने के कारण को भी इस कार्यवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। 

शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्किट स्थित अवैध निर्माण जैना ज्वेलर्स शोरूम पर कार्यवाही करने के बजाय इस अवैध निर्माण को बचाने में जुटे थे ये  अधिकारी: जनपद के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्किट में भूखंड संख्या 259/6 पर अवैध रूप से बने जैना ज्वेलर्स के शोरूम का आवास विकास परिषद् की टीम ने सर्वे किया और पूरे भवन की विडिओग्राफी की। इसके बाद लोगों की आंख में धूल झोंककर कहा कि भूखंड संख्या 259/6 पर अवैध रूप से बने जैना ज्वेलर्स के शोरूम कोई व्यापारिक अथवा कॉमर्सिअल गतिविधि नहीं चल रही है। जबकि बाकायदा इस शोरूम का भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने 22 सितम्बर 2025 को फीता काटा था। इतना ही नहीं बड़े बड़े अख़बारों में एक एक पेज के लाखों रूपये के विज्ञापन प्रकाशित कराये गए थे कि यहाँ पर खरीददारी के लिए एक से बढ़कर एक ज्वेलरी उपलब्ध है। इस तरह की तमाम खबरे प्रकाशित की गई। एशियन एक्सप्रेस ने भी जैना ज्वेलर्स की कई ख़बरों प्रकाशन किया था। दिवाली के अवसर पर एशियन एक्सप्रेस के संवाददाता ने अपनी पत्नी के साथ इस शोरूम में खरीददारी की थी। उसके कई तस्वीरें एवं वीडियो भी उन्होंने बनाई थी। और आज आवास विकास अधिकारी कह रहे है की जैना ज्वेलर्स शोरूम में कोई कॉमर्सिअल एक्टिविटी नहीं हो रही है।

दरअसल आवास विकास परिषद् के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में अपनी गर्दन बचाने के लिए झूठ बोल रहे है। अब ज्वेलरी के शोरूम में ज्वेलरी ही बिकेगी कोई खाट बिछाकर तो नहीं सोयेगा। लेकिन आवास विकास अधिकारियों ने जैना ज्वेलर्स के इस अवैध शोरूम को बचाने के लिए एकजुट होकर शायद शपथ खा ली है कि हम लालजी की अवैध दुकान को टूटने नहीं देंगे। हम इस अवैध निर्माण को बचाकर ही दम लेंगे। लेकिन शासन ने इससे पहले इन चारों नाकाम अधिकारियों को मेरठ कार्यालय से हटाकर लखनऊ कार्यालय में अटैच कर दिया। 

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