पीडब्लूडी के अधिशासी, सहायक और अवर अभियंता निलंबित, मुख्य और अधीक्षण अभियंता भी कार्यवाही की जद में 

  • [By: Lucknow Desk || 2025-07-18 15:15 IST
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पीडब्लूडी के अधिशासी, सहायक और अवर अभियंता निलंबित, मुख्य और अधीक्षण अभियंता भी कार्यवाही की जद में 

लखनऊ से एशियन एक्सप्रेस संवाददाता की रिपोर्ट:
लखनऊ। सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्यवाही करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंताऔर अवर अभियंता को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता पर भी बड़ी कार्यवाई हो सकती है। इनमें से एक बड़ा मामला जनपद देवरिया के प्रांतीय खंड का है। दरअसल एक सड़क का जिम्मा देवरिया प्रांतीय खंड को मिला था। बाद में इस सड़क के निर्माण कार्य को एडीबी को हस्तांतरित कर दिया गया। इस सड़क निर्माण का धन विश्व बैंक से मिलना था। इसके अतिरिक्त देवरिया प्रांतीय खंड में सड़क निर्माण में गड़बड़ी और मनमानी के तीन बड़े मामले सामने आए हैं। इसमें से एक उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम के नाम पर गलत एस्टीमेट बनाए जाने का भी है। 

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रोग्राम के नाम पर गलत एस्टीमेट का भी मामला: जनपद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक कार्यक्रम था जिसका लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड देवरिया ने गलत और अनाप-शनाप एस्टीमेट बनाया था। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के दौरे से जुड़े 2021 के इस प्रकरण में वीआईपी कार्यक्रम के नाम पर विभागीय अभियंताओं ने गलत एस्टीमेट के आधार पर भारी भरकम खर्चा दिखा दिया गया। अधिशासी अभियंता कमल किशोरअनिल जाटव, तत्कालीन सहायक अभियंता संजय कुमार राय, अवर अभियंता साहब हुसैनअनूप सिंह पर कार्यवाही प्रस्तावित है। सहायक अभियंता संजय कुमार सेवानिवर्त हो चुका है। जबकि दोनों अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्यवाही लंबित है।

दूसरा मामले में एडीबी की सड़क के लिए गलत तरीके से विभाग से धनावंटन का है। एक सड़क निर्माण के लिए विभाग से गलत तरीके से धन का आवंटन कराने से संबंधित है। 

तीसरे मामले में एक निर्धारित कार्य के लिए आवंटित धन को किसी दूसरे कार्य में खर्च करने का है। उपरोक्त मामले में योगी सरकार ने एक अधिशासी अभियंता, एक सहायक अभियंता और एक अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। जबकि आधा दर्जन अन्य आरोपी और साजिशकर्ता अभियंताओं के खिलाफ निलंबन या विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसमें अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता शामिल हैं।

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड देवरिया की एक सड़क के निर्माण से जुड़ा है। इस सड़क के निर्माण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग का था। बाद में निर्माण का कार्य एडीबी को हस्तांतरित कर दिया गया। इसका पैसा विश्व बैंक से मिलना था। मगर विभाग के अभियंताओं ने तथ्यों को छुपाकर न केवल मांग पत्र भेजा बल्कि धनावंटन भी करा लिया। जांच में इसकी कलई खुल गई। इस प्रकरण में अधिशासी अभियंता अनिल जाटव के खिलाफ नियम-7 के तहत कार्यवाही शुरू की गई है। और उनके निलंबन की संस्तुति शासन से की गई है। जबकि सहायक अभियंता (एई) सुधीर कुमार व अवर अभियंता राम गणेश पासवान को निलंबन कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। 

एक अन्य मामले में लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड अंतर्गत करुअना परसिया मार्ग से जुड़ा है। प्रकरण में अधिशासी अभियंता कमल किशोर को निलंबित कर दिया गया है। जबकि अधिशासी अभियंता मनोज कुमार पांडेयसंजीव कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।

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