जहां-जहां तैनाती वहां-वहां करोड़ों का भ्रष्टाचार करने वाले निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को मिली चार्जशीट

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-07-17 17:15 IST
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जहां-जहां तैनाती वहां-वहां करोड़ों का भ्रष्टाचार  करने वाले निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को मिली चार्जशीट

कई सौ करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को शासन ने थमाई चार्जशीट 
लखनऊ। अपनी तैनाती के दौरान हर जिले में करोडो के बंगले बनाने वाले 2005 बैच के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अभिषेक प्रकाश पर करोड़ों रूपये की रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। भटगांव जमीन अधिग्रहण मामले में भी अभिषेक प्रकाश चार्जशीट दी गई है। योगी सरकार के नियुक्ति विभाग ने अभिषेक प्रकाश से 15 दिनों में जवाब मांगा है।

निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश पर भ्रष्टाचार से संबंधित कई बड़े आरोप है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुए इन्वेस्ट यूपी के सीईओ रहते हुए निवेशक से रिश्वत मांगने के आरोपों में अभिषेक प्रकाश घिर गए है। उनकी मुश्किलें अभी और बढ़ सकती है। कल अभिषेक प्रकाश को भटगांव जमीन अधिग्रहण और इन्वेस्ट यूपी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर चार्जशीट दे दी गई है। नियुक्ति विभाग की तरफ से दी गई चार्जशीट का जवाब 15 दिन में जवाब देना है।

योगी सरकार के नियुक्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आरोपी के द्वारा दिए गए जवाब के आधार पर तय किया जाएगा कि मामले में जांच अधिकारी नियुक्त होगा या नहीं। मगर इतना साफ है कि अब अभिषेक का निलंबन खत्म होने में और वक्त लग सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शासन द्वारा दी गई चार्जशीट में अभिषेक प्रकाश से पूछा गया है कि भटगांव जमीन अधिग्रहण मामले में प्रशासनिक लापरवाही कैसे हुई। अभिषेक प्रकाश पर मुख्य रूप से प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े चार बड़े आरोप लगाए गए है। गौरतलब है कि अभिषेक प्रकाश के डीएम रहते हुए सरोजनीनगर के भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें बड़े पैमाने पर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई थी। मामले की जांच तत्कालीन राजस्व परिषद चेयरमैन रजनीश दुबे ने की थी। इसमें तत्कालीन डीएम के साथ-साथ पीसीएस रैंक के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे।

इसके अतिरिक्त इन्वेस्ट यूपी से जुड़े घूसखोरी प्रकरण में जो चार्जशीट अभिषेक प्रकाश को दी गई है, उसमें मुख्य रूप से मूल्यांकन समिति की उस बैठक के बारे में पूछा गया है, जो 12 मार्च, 2025 को हुई थी। इसमें सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एसएईएल सोलर पी-6 प्राइवेट लिमिटेड का प्रकरण मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमिटी को भेजने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में इस निर्णय पर रोक लगाते हुए इसे फिर से मूल्यांकन के लिए क्यों भेजा गया। इस बिंदु पर भी आरोपी अभिषेक प्रकाश से जवाब मांगा गया है। 

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