महिलाओं और नौजवानों ने हाथों में आई लव मोहम्मद लिखा बैनर लेकर जुलूस निकाला, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-09-27 00:54 IST
  • 13
महिलाओं और नौजवानों ने हाथों में आई लव मोहम्मद लिखा बैनर लेकर जुलूस निकाला, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

बरेली के बाद आज आगरा के मंटोला में महिलाओं और नौजवानों ने हाथों में आई लव मोहम्मद लिखा बैनर लेकर जुलूस निकाला। जिसमें बुर्का पहने महिलाएं शामिल हुईं। पुलिस की की सख्ती को दरकिनार कर समाज ने यह जुलूस निकाला। 

बरेली में आई लव मुहम्मद मामले को लेकर पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर लाठीचार्ज किया। जनपद में कई जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही बरेली में आई लव मुहम्मद को लेकर हो रही पुलिस कार्रवाई के विरोध में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने शुक्रवार लोगों से इस्लामियां मैदान पर जुटने की अपील भी की थी। इसके बाद शुक्रवार को नमाज के बाद मुस्लिम लोगों ने इस्लामियां मैदान पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया। और देखते ही देखते वहां पर भारी हुजूम जमा हो गया। जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस और जिला प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। भीड़ नारे लगाती हुई बेकाबू हो गई जिसके चलते बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

उधर समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता सुमैया राणा ने भी आग में घी डालने का काम करते हुए पुलिस के इक़बाल को चुनौती देते हुए कहा कि लखनऊ में भीड़ नहीं सैलाब आएगा, पुलिस अपनी बंदूक तैयार रखें। वास्तव में यह एक भड़काने वाला बयान है। 

दूसरी और उत्तर प्रदेश पुलिस उन लोगों पर खास और पैनी नजर रखे हुए है जो भीड़ को बवाल के लिए उकसाने को भड़काऊ बयान दे रहे है। भड़काऊ तकरीरें कर करे है। पुलिस का कहना है कि भीड़ को इकहट्टा कर उसे बवाल के लिए उकसाने वाले लोगों को मिलने वाली सजा नजीर बनेगी। भीड़ को उकसाने वालों में बड़ा नाम आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान का है। कहा जा रहा है कि मौलाना ने 21 सितंबर को वीडियो संदेश जारी कर कानपुर में अपने समाज के युवाओं पर झूठी कार्रवाई का आरोप लगाकर 26 सितंबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इसके बाद गुरुवार रात प्रशासन द्वारा जुलुस की अनुमति न मिलने का हवाला देकर इस प्रदर्शन को रद्द कर दिया। मगर शुक्रवार सुबह मौलाना ने फिर एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इस्लामिया मैदान आने की अपील कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद ही नमाज के बाद वहां भीड़ जुटने लगी। इसी दौरान भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई कर नजीर पेश की जाएगी।

ग़ौरतलब है कि मौलाना तौकीर रजा का 26 सितंबर को जुलुस से संबंधी वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारियां शुरू कर दीं। साथ ही वार्ता के जरिये भी जुलुस को टालने की कोशिश शुरू की गई। साथ ही साथ पुलिस-प्रशासन ने मौलाना को बताया कि जनपद में धारा 163 लागू है, जिसके चलते इस तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसको स्वीकार करते हुए गुरुवार देर रात आईएमसी के पदाधिकारियों की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द करने के साथ ही लोगों से इस्लामियां मैदान में पहुंचने की अपील की गई। इस अपील में यह भी कहा गया कि जुमे की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा खुद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित करने वाले है। 

लेकिन अगले ही दिन मौलाना तौकीर ने अपना रंग बदलते हुए शुक्रवार सुबह ही अपना दूसरा वीडियो जारी कर दिया। इसमें आईएमसी के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी पत्र को फर्जी बता दिया। उन्होंने लोगों से जुमे की नमाज के बाद इस्लामिया मैदान पहुंचने और पैदल मार्च में शामिल होने की अपील की। यह भड़काऊ वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। जैसे-जैसे नमाज का समय नजदीक आने लगा पूरे शहर से लोग जुलुस के रूप में आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टर-बैनर लेकर इस्लामिया मैदान ग्राउंड की ओर बढ़ने लगे। और देखते ही देखते वहां पर भारी हुजूम जमा हो गया। मैदान में इकहट्टे लोग नारे बाजी करने लगे। जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस और जिला प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। भीड़ नारे लगाती हुई बेकाबू हो गई जिसके चलते बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

इस पूरी घटना पर योगी सरकार की पैनी नजर है। सभी जानते है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त कार्यवाही के लिए जाने जाते है। 

नमस्कार, मेरा नाम है पीके वर्मा 

SEARCH

RELATED TOPICS