डोनाल्ड ट्रंप के हॉर्मूज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी और इसका भारत पर प्रभाव

  • [By: Pramod DaulatRam || 2026-04-15 23:59 IST
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ईरान के हॉर्मूज स्ट्रेट को बंद करने को डोनाल्ड ट्रंप की धमकी और इसका भारत पर प्रभाव।
नमस्कार, मेरा नाम है पीके वर्मा।

पाकिस्तान में अमेरिका ईरान शांति वार्ता के ख़ारिज हो जाने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मूज स्ट्रेट को लेकर नया बयान दे दिया है जिसे धमकी के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह जहाजों के आने जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले हॉर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देंगे। अगर ऐसा होता है तो इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आज इसी अहम मुद्दे पर बात करते है।

अमेरिकी सेना के अनुसार वह सोमवार से हॉर्मूज स्ट्रेट में स्थित ईरानी नौसेना को घेरकर उसकी नाकाबंदी शुरू कर देगी। हालांकि गैर ईरानी बंदरगाह की और जाने वाले जहाजों को नहीं रोका जाएगा। लेकिन बात यही खत्म नहीं होती। बात यही से शुरू होती है। हॉर्मूज स्ट्रेट को जहाजों के आवागमन से रोकने के डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश से कई देशों की धड़कन बढ़ा दी है। भारत भी उनमें से एक है। 

जैसे कि आप जानते है कि अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता बेअसर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें सौ डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है। जब से ईरान अमेरिका जंग शुरू हुई थी तभी से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ी है। अब ट्रंप की इस धमकी के बाद तेल और गैस को लेकर दुनिया के हालात और बदतर हो सकते है। ट्रंप की इस धमकी का भारत पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि भारत काफी हद तक तेल और गैस के मामले में दूसरे देशों पर निर्भर है। भारत के पेट्रोलियम का एक काफी बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार अब भारत लगभग 41 देशों से पेट्रोलियम पदार्थ इंपोर्ट करता है। लेकिन भारत एलपीजी गैस का एक बड़ा हिस्सा जो इंपोर्ट करता है वह ईरान के हॉर्मूज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। अगर अमेरिका हॉर्मूज स्ट्रेट को बंद करता है तो यह भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है। पहले ही भारत में एलपीजी को लेकर अफरा तफरी का माहौल है। 

जानकारी के अनुसार भारत अपनी जरूरत का लगभा पचास फीसदी तेल विदेशों से मंगाता है। और यह हॉर्मूज स्ट्रेट से होकर भारत पहुंचता है। अभी जो भी तेल या गैस खरीदा जा रहा है उसका भुगतान ऊंचे दामों पर किया जा रहा है। हॉर्मूज स्ट्रेट बंद होने पर यह समस्या और बढ़ सकती है और महंगाई आसमान छू सकती है।

लेकिन भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारत के कच्चे तेल का लगभग पचास फीसदी से अधिक हिस्सा मध्य पूर्व यानी इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से इंपोर्ट किया गया था। पीआईबी की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का लगभग सत्तर फीसदी कच्चा तेल अब हॉर्मूज स्ट्रेट से नहीं वरन दूसरे रास्तों से आता है। इसके साथ ही बताया गया कि अब एनर्जी इंपोर्ट एंड सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबित भारत लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG दुनिया में चौथा सबसे बड़ा और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी का दूसरा सबसे अधिक इंपोर्ट करने वाला देश है। और यह इंपोर्ट मुख्य रूप से मध्य पूर्व से किया जाता है। 

अल ज़जीरा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कतर LNG का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और फिलहाल उसने इसका उत्पादन रोक दिया है। 

कहा जा रहा है कि पहले ईरान और अब अमेरिका के हॉर्मूज स्ट्रेट को बंद करने के मामले से एनर्जी सप्लाई का मसला और अधिक जटिल हो गया है। और इसमें चीन,  भारत, जापान और साउथ कोरिया पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने वाला है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर अमेरिकी नाकाबंदी शुरू होते ही ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि हॉर्मूज की तरफ अगर अमेरिकी युद्धपोत बढ़े तो हर बंदरगाह पर हमला किया जाएगा। अमेरिका ने भी ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अमेरिकी युद्धपोतों के नजदीक कोई भी ईरानी जहाज आया तो उड़ा दिया जाएगा।

उधर अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्ती से मुकदमा चलाया जाएगा। प्रेसिडेंट ट्रंप की पूरी कोशिश है कि ईरान को तेल के जरिए कमाई करने से रोका जाए ताकि ईरान पर समझौता करने के लिए दवाब बनाया जा सके।

ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने पलटवार करते हुए कहा कि हॉर्मूज पर नाकाबंदी को समुद्री डकैती की तरह से माना जाएगा और इससे उसी की शैली में निपटा जाएगा।

नमस्कार। जयहिंद।

नोट: यह लेखक के अपने विचार है। 

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