मणिपुर में प्रधानमंत्री मोदी का विरोध, मोदी के पोस्टर बेनर फाड़े, 43 भाजपा सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-09-14 00:47 IST
  • 19
मणिपुर में प्रधानमंत्री मोदी का विरोध, मोदी के पोस्टर बेनर फाड़े, 43 भाजपा सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा

आखिर किसके दवाब में प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर पहुंचे। आखिर किसने मोदी को मणिपुर जाने के लिए मजबूर किया।

आपको याद होगा दो साल पहले जब मणिपुर में भाजपा सरकार थी। यानी डबल इंजिन की सरकार। उस समय जो मणिपुर में हुआ वह पूरी दुनिया ने देखा। दो साल पहले मणिपुर जल रहा था। 19 जुलाई 2023 को हिंसक भीड़ ने सरेआम दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर घुमाया था। वह दृश्य ऐसा था कि हृदय फट जाए। पत्थर दिल लोगो की आंखें भी नम हो गई थी। लेकिन उस समय प्रधानमंत्री मोदी की डिक्शनरी में से जैसे मणिपुर शब्द गायब ही हो गया था। मोदी की खामोशी पर मणिपुर ही नहीं देश की जनता में नाराजगी और गुस्सा था। मणिपुर जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था। इसी के रिएक्शन में आज जब प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर पहुंचे तो मोदी के स्वागत में लगे पोस्टर और बैनरों को मणिपुर के लोगों ने फाड़कर फेंक दिया। इतना ही नहीं मणिपुर के लोगों में ही नहीं मणिपुर भाजपा के 43 सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। यह बड़ी बात है। यह एक अहम बात है।

19 जुलाई 2023 को जब हिंसक भीड़ ने जब इंसानियत की सारी हदें पार कर जब दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर घुमाया तो ऐसा लगा कि अब सारी संवेदनाएं मर चुकी है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी का एक बयान आया कि मेरा हृदय पीड़ा से भरा है। और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह प्रधानमंत्री मोदी का दो साल पुराना बयान है।

19 जुलाई 2023 की इस घटना के बाद जब मणिपुर पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि यह घटना 19 जुलाई की नहीं बल्कि ढाई महीने पुरानी थी। यानी इस घटना को ढाई महीने हो चुके थे। इसका मतलब यह हुआ कि मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई इस बेगैरत वारदात के बारे में देश और दुनिया को ढाई महीने बाद पता चला। इसके बाद मणिपुर दुनिया भर के अखबारों में छा गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगा। इतना ही नहीं ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी मणिपुर हिंसा की गूंज सुनाई दी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी खामोश रहे जैसे मणिपुर महान भारत का हिस्सा ही न हो। इसके बाद मणिपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सारी उम्मीद छोड़ अपने जख्मों पर खुद ही मरहम लगाने लगा। याद रहे वक्त बड़े से बड़ा जख्म भर देता है। मणिपुर की हिंसा में 57000 लोग बेघर हो गए। विस्थापित हो गए।

ऐसे में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जलते हुए मणिपुर का दौरा किया। और हिंसा का शिकार हुए लोगों के जख्मों पर मरहम रखने का प्रयास किया।

जब नरेन्द्र मोदी आज मणिपुर पहुंचे तो मणिपुरी कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत लोकसंगीत के साथ किया। मोदी ने भी कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के साथ खड़ी है। मोदी मणिपुर हिंसा में बेघर हुए पीड़ितों से भी मिले।

दूसरी और मणिपुर में कई जगह प्रधानमंत्री मोदी का भारी विरोध भी हुआ। मोदी से नाराज लोगों ने मोदी के स्वागत में लगे बेनर पोस्टरों को फाड़ डाला। इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी मणिपुर के 43 सदस्यों ने सामुहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। यह मणिपुर के लोगों की नाराजगी थी कि जब मणिपुर को प्रधानमंत्री मोदी की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब मोदी मणिपुर को भूल गए। अब जब हालात सामान्य हो गए है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक मणिपुर में अपना उड़न खटोला उतार लेते है।

नमस्कारम्। मैं हूं पीके वर्मा

SEARCH

RELATED TOPICS