15 जुलाई से यूट्यूब ने बदले कमाई के नियम

  • [By: Meerut Desk || 2025-07-10 15:43 IST
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15 जुलाई से यूट्यूब ने बदले कमाई के नियम

एशियन एक्सप्रेस करियर डेस्क: आज जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब लाखों लोगों को रोजगार देने का साधन बन गया है। हजारों लोगों ने यूट्यूब को अपनी रोजी रोटी का जरिया बना लिया है। भारत में यूटूबर हजारों रुपया महीना कमा रहे है और कई यूटूबर तो लाखों और करोड़ों रुपया महीना कमा रहे है। लेकिन 15 जुलाई 2025 से यूट्यूब से कमाई करने के कई नियमों को बदला दिया है। अब सैकड़ों यूटूबर अपनी लाखों की कमाई से हाथ धो सकते है। क्या है वे नए नियम जिन्हे यूट्यूब 15 जुलाई से लागू करने जा रहा है। आइये जानते है। इससे संबंधित वीडियो यहाँ पर देखें: https://www.youtube.com/@iamdrpkverma

यूट्यूब की नार्मल मॉनेटाइजेशन पॉलिसी के अनुसार आपके यूट्यूब चैनल पर कम से कम 1 हजार सब्सक्राइबर और 4 हजार घंटे का पब्लिक वाच-टाइम अथवा 10 मिलियन शार्ट व्यूज होना अनिवार्य है। इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

नए नियमनुसार अब यूट्यूब से कमाई करना आसान नहीं रहेगा। 15 जुलाई से यूट्यूब की मॉनेटाइजेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव होने वाला है। दरअसल यूट्यूब मास-प्रोड्यूस्ड कंटेंट पर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। बदले नियमों के अनुसार अब यूट्यूब उन्हीं लोगों को ही वीडियो से कमाई करने का अवसर प्रदान करेगा जो असली यानी ओरिजनल और नया कंटेंट बना रहे हैं। क्योंकि कई लोग अपने व्यूज और सब्सक्राइबर्स बढ़ाने के लिए दूसरों के वीडियो को डाउनलोड करके अपने चैनल पर अपलोड कर लेते है। लेकिन 15 जुलाई के बाद अब ऐसा नहीं चलेगा। 

दरअसल यूट्यूब बड़ी संख्या में बनने वाले और एक जैसे वीडियो की पहचान को बेहतर बनाने जा रहा है ताकि ऐसे वीडियो से होने वाली कमाई को कम किया जा सके। यूट्यूब चाहता है कि दर्शकों को हर चैनल की तरह से नया और ओरिजनल कंटेंट मिले। 15 जुलाई से लागू होने जा रहे इन नए नियमों के बारे में डिटेल में जानते हैं और पता करते हैं कि आखिर किस तरह के वीडियो बनाने से अब यूट्यूब पर कमाई नहीं होगी। 

यूट्यूब के नए नियम: यूट्यूब की नई मॉनेटाइजेशन पॉलिसी के अनुसार अब अगर कोई क्रिएटर चाहता है कि उसकी वीडियो पैसा कमाए, तो जरूरी होगा कि उसका वीडियो ओरिजनल हो। अगर किसी वीडियो को किसी दूसरी जगह से डाउनलोड किया जाता है तो भी उसमें जरुरी बदलाव करना अनिवार्य होगा। यूट्यूब चाहता है कि क्रिएटर्स के वीडियो व्यूज से ज्यादा जानकारी देने या दर्शकों का मनोरंजन करने पर केंद्रित होने चाहिए। 

AI से बने वीडियो पर भी सख्ती: इतना ही नहीं यूट्यूब यह सख्ती Artificial Intelligence से बनाए गए वीडियो पर लागू करने जा रहा है। दरअसल यूट्यूब यह सब अपने प्लेटफॉर्म से बोरिंग और एक-समान वीडियो  उनके कंटेंट की सफाई के लिए कर रहा है। यूट्यूब की ओर से इस बारे में जानकारी एक सपोर्ट पेज पर दी है। इस पर कहा गया है कि यूट्यूब अपनी मॉनेटाइजेशन पॉलिसी को अपडेट करने जा रहे हैं। ऐसा 'मास-प्रोड्यूस्ड और रिपीट होने वाले कंटेंट' की पहचान करने के लिए किया गया है। इस सपोर्ट पेज पर यूट्यूब से स्पष्ट कहा है कि उसने हमेशा से क्रिएटर्स से ओरिजनल और ऑथेंटिक कंटेंट बनाने की उम्मीद की है।

ग़ौरतलब है कि हाल के कुछ महीनों में यूट्यूब और फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प और एक्स एआई यानी आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से बनी वीडियो की एक बाढ़ देखने को मिली थी। यूट्यूब के सख्त नियमों का प्रहार अब इस तरह के वीडियो पर भी होगा। 

सूत्रों के अनुसार, यूट्यूब की रिवाइज्ड गाइडलाइन्स में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से बने वीडियोज भी शामिल हो सकते हैं। यह ऐसे वीडियो होते हैं जहां क्रिएटर्स आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से जेनरेटेड आवाजों का इस्तेमाल करके किसी और के वीडियोज पर रिएक्ट करते हैं। हालांकि इस पर स्पष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। 

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