ईरान ने सभी कमर्सिअल जहाजों के लिए खोला होर्मुज स्ट्रेट

  • [By: Pramod DaulatRam || 2026-04-18 01:12 IST
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ईरान ने सभी कमर्सिअल जहाजों के लिए खोला होर्मुज स्ट्रेट

लेबनान और इजरायल युद्ध में अब सीजफायर की घोषणा के बाद ही अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से खोलने का ऐलान कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सीजफायर की अवधि तक होर्मुज स्ट्रेट सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला हुआ है।

अब इसके बारे में विस्तार और इत्मीनान से बात करते है। 

आज ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर लगे प्रतिबंध को व्यापारिक जहाजों के लिए हटाने का ऐलान किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर के बाद ईरान की इस्लामिक सरकार ने होर्मुज को व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से खोलने फैसला लिया है। ईरान की  घोषणा के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की अफरातफरी पर ब्रेक लगने की उम्मीद है। ईरान के इस फैसले के बाद अब भारत में भी एलपीजी और कच्चे तेल के मामले में राहत मिलने की उम्मीदें है। अमेरिका-ईरान जंग के बाद  ईरान ने होर्मुज खोलने का ऐलान किया। इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, ईरान की तरफ से यह छूट केवल सीजफायर जारी रहने की अवधि तक ही है। लेकिन इसके आगे बढ़ने की संभावना है। 

दूसरी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भविष्य में कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यह अब होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बाद युद्धविराम और बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि तेल आपूर्ति का दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। 


होर्मुज के खुलने से भारत को भी राहत: होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से ऊर्जा संकट के मुहाने पर बैठी दुनिया को थोड़ी राहत मिली है। भारत के लिए भी यह एक बड़ी राहत की बात है। होर्मुज के खुलने से खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाज जल्द से जल्द देश वापस आ पाएंगे। इससे भारत में बढ़ते एलपीजी संकट से भी राहत मिल सकती है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्दी ही और भी जहाज खाड़ी की तरफ रवाना हो सकते हैं। खाड़ी क्षेत्र से भारत की ऊर्जा जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा होता है। इसके फिर से खुलने से शिपिंग मार्ग अब सामान्य स्थिति में आने की संभावना बढ़ गई है। अभी होर्मुज के बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई थी। अब इनके धीरे-धीरे कम होने के आसार है। 


होर्मुज की एहमियत: 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान ने होर्मुज को बंद करने की शुरुआत कर दी थी। ईरान ने सबसे पहले यहां से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी और उसके बाद उसने एक जहाज पर हमला कर दिया। इसके बाद होर्मुज से आवाजाही पूरी तरह से ईरान के हाथ में आ गई। इस युद्ध के दौरान कई देशों के जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं, लेकिन इन जहाजों को ईरान से इजाजत लेनी पड़ी थी। इस दौरान भारत के भी कुछ जहाज यहां से निकले थे। होर्मुज के रास्ते भारत समेत दुनिया के तमाम देशों की ऊर्जा आपूर्ति होती है। जब यह बंद हुआ, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी। इसके असर को ऐसे समझा जा सकता है कि कीमतों को कम करने के लिए अमेरिका को रूसी तेल पर लगे प्रतिबंध को हटाना पड़ा।

नमस्कार। जयहिंद।

नोट: यह लेखक के अपने विचार है। 

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