सरकार नरेंद्र मोदी चलाए लेकिन भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष संघ का

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-09-23 11:00 IST
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सरकार नरेंद्र मोदी चलाए लेकिन भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष का संघ का। बात खत्म। आज का बड़ा सवाल बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कब और कौन।
आज बात करते है भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की। दोनों के बनते बिगड़ते रिश्तों की। इन दिनों RSS प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मुल्क के सियासी गलियारों में चर्चा है कि मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी में तलवारें खींची हुई है। दोनों बड़े नेताओं में भारी मनमुटाव चल रहा है। दोनों में मतभेद चल रहा है। चर्चा है कि संघ ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि सरकार नरेंद्र मोदी चलाए, नो प्रॉब्लम लेकिन भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष संघ परिवार का या संघ की पसंद का होगा। यही वो वजह है जिससे नरेंद्र मोदी ओर मोहन भागवत के बीच तल्खियां बढ़ा दी है। तो बात पूरी तरह से क्लियर है। साफ है कि सारा झगड़ा बीजेपी के आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर है।

आप सभी जानते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75 साल पूरे होने पर अभयदान दे चुके मोहन भागवत अब भाजपा के अध्यक्ष पद पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। जबकि नरेंद्र मोदी और अमितशाह चाहते है कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष भी जेपी नड्डा जैसा हो जो उनके हिसाब से काम करें। लेकिन अब संघ का कहना है कि बस अब और नहीं।

बीजेपी के आगामी अध्यक्ष पद को लेकर फिलहाल तो तकरार कम होती नहीं दिख रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि शायद यह मनमुटाव दशहरा या दिवाली तक रहेगा। कुछ का कहना है कि यह मनमुटाव अब नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही कम होगा। लेकिन बिहार चुनाव को लेकर एक बात बहुत ही अहम हो जाती है कि ख़ुदा न खस्ता अगर नरेंद्र मोदी बिहार का चुनाव हार जाते है तो उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती है। उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि भाजपा में ही एक गुट है जो गुजराती जोड़ी नरेंद्र मोदी और अमितशाह को अब और नहीं झेलना चाहते। वे बदलाव के इच्छुक है। वे बदलाव चाहते है। बिहार चुनाव हारने पर अपनी ही पार्टी में नरेंद्र मोदी के खिलाफत में खड़े विरोधी गुट के सुर और अधिक तेज और ऊंचे हो जाएंगे। इसमें कोई दो राय नहीं है। यह बिल्कुल साफ है। बिहार चुनाव के परिणाम और उसके नफा नुकसान की बात अगले वीडियो में करते है। अभी बात करते है भाजपा के होने वाले नए भाजपा अध्यक्ष पद की जिसको लेकर दोनों तरफ तलवारें खींची हुई लगती है।

सूत्रों से पता चला है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह बीजेपी के अध्यक्ष पद के लिए कई भरोसेमंद चेहरों पर भरोसा कर सकते है। इस सूची में ओबीसी से आने वाले भूपिंदर सिंह यादव, धर्मेंद्र प्रधान, और यूपी की राजनीति के बड़े खिलाड़ी सुनील बंसल का भी नाम है। जबकि संघ की पसंद में शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी के साथ एक और अहम शख्शियत है जिसका नरेंद्र मोदी के साथ छत्तीस का आंकड़ा है। संघ के सबसे मजबूत चेहरे का नाम संजय जोशी है। दूसरे शब्दों में कहे तो नरेंद्र मोदी और संजय जोशी एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते है। अगर संघ के संजय जोशी भाजपा के आगामी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते है तो मान लीजिए कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की गुजरात लॉबी की राहें आसान नहीं होगी। पार्टी पर उनका प्रभाव कम हो सकता है। नवम्बर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के रिजल्ट का इंतजार कीजिए और तब तक जीएसटी महोत्सव के जश्न में डांडिया खेलिए।

नमस्कार, मेरा नाम है पीके वर्मा

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