अमेरिकी हमले से पहले ही ईरान ने 10 परमाणु बम बनाने में सक्षम 400 किलो यूरेनियम की पहले ही लोकेशन बदल दी थी 

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-06-23 18:05 IST
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अमेरिकी हमले से पहले ही ईरान ने 10 परमाणु बम बनाने में सक्षम 400 किलो यूरेनियम की पहले ही लोकेशन बदल दी थी 

हमेशा से दुनियां का चौधरी बनने की चाहत में एक बार फिर अमेरिका इज़राइल-ईरान जंग में कूद ही नहीं गया बल्कि ईरान के 3 संभावित एटॉमिक सेंटरों पर बमबारी कर दी। बस यही खेल हो गया। ईरान अमेरिका और इज़राइल से दो कदम आगे की चाल चल रहा है। ईरान के जिन तीन एटॉमिक सेंटर्स पर अमेरिका ने बमबारी की थी ईरान ने बमबारी से पहले ही उनका ठिकाना बदल दिया था। अब अमेरिका के इस हमले पर खुद अमेरिका की बड़ी किरकिरी हो रही है। 

इससे पहले मई माह में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति अचानक से कूद कर सामने आ गए और सोशल मीडिया पर घोषणा कर दी कि मैंने इंडिया -पाकिस्तान की जंग रुकवा दी। जबकि कुछ ही दिनों पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान दिया था कि इंडिया-पाकिस्तान जंग से अमेरिका का कोई लेना देना नहीं। 

न्यूयोर्क टाइम्स की  के अनुसार, सीनियर अमेरिकी ऑफिसर्स जिनमे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल है, इन्होने यह बात कुबूल की है कि उन्हें इस समय ईरान के यूरेनियम भंडार के ठिकानो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अमेरिकी ऑफिसर्स का कहना हैं कि उन्हें नहीं पता कि ईरान का 60 फीसदी संवर्धित 400 किलोग्राम यूरेनियम कहां पर मौजूद है। यह 400 किलोग्राम यूरेनियम लगभग 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है। 

दरअसल अमेरिका को नहीं पता कि ईरान का 400 किलो यूरेनियम किस जगह पर मौजूद है। जानकारों की माने तो यह 400 किलो यूरेनियम 10 परमाणु बम बनाने के लिए काफी है। अमेरिकी हमले से पहले ही ईरान ने इसकी लोकेशन बदल दी थी। क्योंकि ईरान को पता था जिस तरह से अमेरिका बार बार ईरान पर हमला करने की धमकी दे रहा है। वह हमला कर भी सकता है। इसलिए ईरान ने अपने एटॉमिक टूल्स की लोकेशन बदल दी। और इस जगह पर काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या भी कम कर दी थी। ताकि यहाँ पर हमला होने की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। 

तो क्या अमेरिका किसी भी देश पर सिर्फ यह सोचकर कि वह परमाणु बम बना रहा है, उसपर हमला कर सकता है। उस देश को बिना ठोस आधार के केवल शक की बिना पर बर्बाद कर सकता है। यह दादागिरी नहीं तो क्या है। ईरान के यूरेनियम भंडार का ठिकाना नहीं मिलना किस और इशारा करता है। 
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