देश में अब किसी की भी गिरफ्तारी से पहले लिखित में बताना होगा कारण: सुप्रीम कोर्ट

  • [By: National Desk || 2025-11-08 00:07 IST
  • 76
देश में अब किसी की भी गिरफ्तारी से पहले लिखित में बताना होगा कारण: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। अभी तक पुलिस किसी भी वयक्ति की गिरफ्तार कर हवालात में बंद रखती थी। यानि अवैध हिरासत। और फिर सेटिंग का खेल शुरू हो होता था।  लेकिन अब देश के सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है कि अब किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले, पुलिस को उस व्यक्ति की समझ में आने वाली भाषा में लिखित में गिरफ्तारी के आधार अर्थात कारणों को बताना होगा। यदि पुलिस ऐसा नहीं करती तो इस गिरफ़्तारी गिरफ्तारी और रिमांड को अवैध मानकर व्यक्ति को मुक्त कर दिया जाएगा।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर एक अहम फैसला लिया है। इसके अनुसार अब से किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले उसे समझ में आने वाली भाषा में लिखित में गिरफ्तारी के आधार (कारण) बताने होंगे। ऐसा नहीं करने पर व्यक्ति की गिरफ्तारी और रिमांड अवैध माना जाएगा और उसे मुक्त कर दिया जाएगा। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने हिट एंड रन के एक मामले में आधार बताए बिना गिरफ्तारी के विधिक प्रश्न पर विचार करते हुए यह फैसला सुनाया है।

अब पीएमएलए और यूएपीए के साथ बीएनएस में भी यह नियम लागू: जैसा की आप जानते ही है कि पूर्व में मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (पीएमएलए) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत विशिष्ट अपराधों में ही गिरफ्तारी से पहले लिखित आधार बताने की अनिवार्यता थी। लेकिन अब नए आदेशों के बाद यह व्यवस्था भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) या भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत तमाम तरह के अपराधों पर भी लागू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया के इस ऐतिहासिक फैसले से पुलिस की मनमानी पर रोक लगेगी। 

SEARCH

RELATED TOPICS