भारत एक हिंदू राष्ट्र और यही सत्य है: मोहन भागवत 

  • [By: Pramod DaulatRam || 2025-12-21 23:22 IST
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भारत एक हिंदू राष्ट्र और यही सत्य है: मोहन भागवत 

नई दिल्ली। राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत और हिन्दू राष्ट्र को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। जो भी भारत को अपनी मातृभूमि मानता है और भारतीय संस्कृति का सम्मान करता है और जबतक हिंदुस्तान की धरती पर एक भी व्यक्ति जीवित है जो अपने भारतीय पूर्वजों की महिमा में विश्वास रखता है तब तक भारत एक हिंदू राष्ट्र है। और यही सत्य है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि इसके लिए किसी संवैधानिक मंजूरी की जरुरत नहीं है। 

मोहन भागवत ने आगे कहा है कि हिंदुस्तान स्वाभाविक रूप से एक हिंदू राष्ट्र है। यही सत्य है। और इसके लिए लिए किसी संवैधानिक संशोधन या मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। 

दरअसल राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कोलकाता में आयोजित '100 व्याख्यान माला' कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य पूर्व से उगता है, इसके लिए क्या संवैधानिक स्वीकृति चाहिए? ठीक वैसे ही भारत हिंदू राष्ट्र हैऔर जब तक भारतीय संस्कृति का सम्मान होगा, यह हिंदू राष्ट्र ही रहेगा। संसद चाहे 'हिंदू राष्ट्र' शब्द संविधान में जोड़े या न जोड़े, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि यह सत्य पहले से मौजूद है।

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में आगे कहा कि हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। जो भी व्यक्ति भारत को अपनी मातृभूमि मानता हैऔर भारतीय संस्कृति का सम्मान करता है। और जब तक हिंदुस्तान की धरती पर एक भी व्यक्ति जीवित है जो अपने भारतीय पूर्वजों की महिमा में विश्वास रखता है और उसे संजोता है, तब तक भारत हिंदू राष्ट्र है। यही संघ की विचारधारा है। 

मुसलमानों के बारे में संघ प्रमुख ने क्या कहा: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस हमेशा से यह कहता आया है कि भारत एक 'हिंदू राष्ट्र' है, क्योंकि यहां की संस्कृति और बहुसंख्यक आबादी का हिंदू धर्म से गहरा जुड़ाव है। हालांकि, 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द मूल रूप से संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा नहीं था, बल्कि 1976 में आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा संविधान (42वां संशोधन) अधिनियम के तहत 'समाजवादी' शब्द के साथ इसे जोड़ा गया था। मोहन भागवत ने लोगों से संगठन के कार्यालयों और शाखाओं का दौरा करने का आग्रह किया ताकि वे इसके कामकाज को समझ सकें और संघ के बारे में 'मुस्लिम विरोधी' होने की गलत धारणा को दूर कर सकें। उन्होंने कहा कि लोग अब यह समझ चुके हैं कि यह संगठन हिंदुओं की रक्षा की वकालत करता है और 'कट्टर राष्ट्रवादी' है, लेकिन संघ मुस्लिम विरोधी नहीं है। 

गौरतलब है कि राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ की स्थापना 100 वर्ष पूर्व 1925 में नागपुर में की गई थी। 2025 में संघ अपनी स्थापना के सौ वर्ष का शताब्दी वर्ष मना रहा है। 

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