आम आदमी पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के साथ राघव चड्डा भाजपा में शामिल 

  • [By: Pramod DaulatRam || 2026-04-24 23:30 IST
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आम आदमी पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के साथ राघव चड्डा भाजपा में शामिल 

आज आम आदमी पार्टी में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी  सांसद राघव चड्ढा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी के 2/3 राज्यसभा सदस्य संविधान के नियमों का पालन करते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला कर चुके हैं। इस घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव चड्ढा ने मीडिया से कहा:

जिस आम आदमी पार्टी को मैने अपने खून और पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए वह पार्टी अब अपने सिद्धांतों से भटककर केवल अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए काम कर रही है। 

राघव चड्ढा ने आगे कहा कि मैं कई सालों से महसूस कर रहा था I'm the right man in wrong party. इसलिए मैं आज आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं। और जनता के पास आ रहा हूं। लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी है राघव चड्ढा कई सालों से आम आदमी पार्टी को छोड़ना चाह रहा था। तो उसे सांसद तो आम आदमी पार्टी ने ही बनाया। तो क्या राघव चड्ढा सिर्फ आम आदमी पार्टी से ही इस्तीफ़ा देगा या आम आदमी पार्टी के सिंबल पर राज्यसभा सांसद के पद से भी इस्तीफ़ा देगा। नहीं। 

अन्ना हजारे के आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी की स्थापना 26 नवंबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने की थी। 2020 में राघव चड्ढा पहली बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा से चुनाव लड़े और जीतकर विधायक बने। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को पंजाब से 21 मार्च 2022 को राज्यसभा भेजा। तब से अभी तक यानी बीजेपी में शामिल होने तक राघव चड्ढा राज्यसभा सांसद है।

जिस भाजपा को राघव चड्ढा गुंडों की पार्टी कहता था आज उसी पार्टी में शामिल भी हो गया। जिस राज्यसभा सीट के लिए कुमार विश्वास हमेशा ललचाता रहा, राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा भेजा। मुझे राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने का जरा भी अचंभा नहीं हुआ। जब अरविंद केजरीवाल जेल।में था और उसे राघव चड्ढा की जरूरत थी उस समय राघव चड्ढा विदेश भाग गया था। सियासी गलियारे के लोग तभी समझ गए थे कि चड्ढा अब पार्टी बदलेगा। और वही हुआ। इस घटना ने किसी को भी चकित नहीं किया। वैसे भी जब एनडीए का राज्यसभा में संख्या बिल कम था जिसके चलते वह महिला आरक्षण बिल पास नहीं करा सके थे। अब चड्ढा अपने साथ आम आदमी पार्टी के 6 और राज्यसभा सांसद लेकर भाजपा में शामिल हो गया। 

वास्तव में सियासत की की सगी नहीं होती। जिस राघव चड्ढा पर आम आदमी पार्टी ने भरोसा किया था, कुर्सी और सत्ता के लालच में चड्ढा आज उसी भाजपा में शामिल हो गया जिसे वह पानी पी पीकर कोसता था। जिसतरह से राघव चड्ढा अपने साथ 6 और सांसद लेकर भाजपा में शामिल हुआ है तो यह तय माना जा रहा है कि राघव चड्ढा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। एक बात और जहां राघव चड्ढा कल तक आम जनता के मुद्दे सदन में उठता था और देश की आम जनता से वाह वाही बटोरता था, क्या अब भाजपाई बनकर वह आम लोगों के मुद्दे सदन में उठा पाएगा। इसका जवाब आप सभी जानते है। नहीं।

आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले 7 राजयसभा सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता है। 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा: बीजेपी ने एक बार फिर पजाबियों से किया धोखा।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राघव चड्डा के बीजेपी में जाने पर कहा की ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया। संजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा:

ऑपरेशन लोटस का खेल खेला जा रहा है।  हमारे सांसदों को तोड़ा जा रहा है। उनको अपनी पार्टी में शामिल किया जा रहा है।  ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के यहां ईडी का छापा पड़ा।  चीजें अपने आप में जुड़ती हैं. ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया। इसका मतलब भय दिखाकर और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके ऑपरेशन लोटस चलाया जा रहा है।

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