तो जिंदा हो तुम: डॉ पीके वर्मा 

  • [By: AE Live || 2024-06-19 16:52 IST
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तो जिंदा हो तुम: डॉ पीके वर्मा 

ग़र तुममे है जोश, कुछ करने का, कुछ पाने का 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र तुममे है जज़्बा, मरकर भी जिए जाने का 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र तुममे है आसमान को छूने की चाहतें 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र तुममे है समुन्द्र की गहराइयों को छूने का जोश 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र तुममे है गिरकर उठने का हौंसला 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र जिंदगी को जिंदगी की तरह चाहते हो जीना 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

ग़र चाहते हो परिंदों की तरह खुले आसमां में उड़ना 
तो जिंदा हो तुम, तो जिंदा हो तुम। 

क्योंकि जिन्दा केवल निंदा लोग ही रहते है 
मुर्दें नहीं। 

-डॉ पीके वर्मा 

(17/12/2012)

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