डायबिटीज यानी शुगर होने पर क्या सावधानी बरते

  • [By: Pramod DaulatRam || 2026-01-18 23:51 IST
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डायबिटीज यानी शुगर होने पर क्या सावधानी बरते

बर्फीली हवाओ का मौसम पुरे शबाब पर है। 
दो लाइनें पेश ए ख़िदमत है। 


फुर्सत मिली तो आएंगे और पिएंगे एक कप चाय हम भी,
सुना है तुम चाय में इलायची मुंह से तोड़कर डालती हो। 

और इसी गुलाबी मौसम की सरपरस्ती में शुरू करते है आज का कार्यक्रम। डायबिटीज यानी शुगर होने पर क्या एतिहयात बरतें। क्या सावधानी बरते और क्या खाएं और इससे भी अहम् कि क्या न खाएं। यानि to be or not to be, that's the question.
 
आज लगभग हर चौथे-पांचवे इंसान को डायबिटीज यानी शुगर की प्रॉब्लम है। कहते है कि डायबिटीज यानी शुगर एक ऐसी बीमारी है जो दीमक की तरह काम करती है। लेकिन इसमें घबराने की जरा भी जरूरत नहीं है। जरुरत है तो सिर्फ़ कुछ परहेज़ बरतने की अपना डेली रूटीन बदलने की जिससे जिंदगी की मिठास का आप भी कुछ आनंद ले सके। 

डायबिटीज यानी शुगर के मुख्य लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, बहुत प्यास लगना, बार बार प्यास लगना, अत्यधिक भूख लगना, थकान महसूस होना, धुंधलापन दिखाई देना,अचानक बिना कारण वजन कम होना और किसी चोट या जख्म को भरने में वक्त लगना। इसके अलावा हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, बार-बार इन्फेक्शन होना और स्किन का काला पड़ना भी इसके सिम्टम्स यानी लक्षण होते हैं, जिन्हें बिलकुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए, खासकर जब सिम्टम्स सीरियस हों या टाइप 1 डायबिटीज के हों। 

आइयें अब इस बारे में डिटेल्ड में बात करते है। डायबिटीज के सामान्य लक्षण यानी Common Symptoms क्या होते है:

  1. बार-बार पेशाब आना: सामान्य से ज़्यादा बार पेशाब आना, खासकर रात में.
  2. अत्यधिक प्यास लगना: शरीर से अतिरिक्त शुगर निकलने के कारण प्यास जल्दी जल्दी लगती है और ज्यादा लगती है।
  3. बहुत भूख लगना: इसमें खाने-पीने के बाद भी बार बार भूख लगती है। मन करता है दिनभर कुछ न कुछ खाते रहें।
  4. थकान और कमजोरी: कोशिकाओं तक ग्लूकोज न पहुँच पाने के कारण शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होती है।
  5. डायबिटीज से आँखों की रौशनी पर बड़ा असर पड़ता है। आई साईट धुंधली यानी Blurred हो जाती है। आसान भाषा में यदि आप नजर का चश्मा पहनते है तो उसमे नंबर बढ़ जाता है।
  6. अचानक वजन घटना (Sudden Weight Loss): इसमें बिना किसी कारण के आपका वजन कम होने लगता है।
  7. यदि आपको कोई चोट या जख्म लगा है तो डायबिटीज की स्थिति में जख्म धीरे-धीरे भरते है।

यह सभी डायबिटीज के सामान्य लक्षण यानी Common Symptoms होते है:

इन सब के अलावा कुछ और भी महत्वपूर्ण लक्षण (Other Important Symptoms) होते है। आइयें उनपर भी रौशनी डालते है।

  1. नसों पर असर के कारण आपके हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होने लगता है।
  2. मसूड़ों, त्वचा या प्राइवेट पार्ट्स में बार-बार संक्रमण (Infections) होने लगते है।
  3. आपके व्यवहार में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। यानी आपका मूड बात बात में ख़राब होने लगता है।
  4. डायबिटीज होने से आपकी स्किन काली पड़ने लगती है। शरीर के कुछ हिस्सों में तो त्वचा गहरी काली हो जाती है। 

अब सवाल है की डॉक्टर को कब दिखाएं: भाई मेरे यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो बिना देर किये तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ब्लड शुगर टेस्ट से इसका पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है. 

अब हम बात करेंगे डायबिटीज यानी शुगर होने पर हमें क्या खाना चाहिए। 

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सही खानपान चुनना बेहद महत्वपूर्ण है। सही खानपान ही एक ऐसा माध्यम है, जिसकी मदद से आप अपने शरीर में ब्लड शुगर लेवल के साथ हर समस्या का इलाज कर सकते हैं। चलिए समझते हैं कि आपको क्या खाना चाहिए:

बिना स्टार्च वाली सब्जियां: डायबिटीज के रोगियों को पालक, ब्रोकोली, शिमला मिर्च, और फूलगोभी जैसी हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। यह हरी सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और इनमें कम कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करती हैं। इसकी मदद से ब्लड शुगर को 10-15% तक कम किया जा सकता है।

होल ग्रेन्स: ब्राउन राइस और ओट्स जैसे होल ग्रेन्स का सेवन करना चाहिए। यह धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव कम होता है और डायबिटीज की स्थिति में बहुत लाभ मिलता है। होल ग्रेन्स का सेवन हृदय की सेहत को भी बेहतर बनाता है और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को लगभग 21% तक कम करता है। 

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए चिकनाई यानी जैतून का तेल, नट्स (बादाम, अखरोट) और एवोकाडो स्वस्थ फैट के अच्छे स्रोत हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने के साथ-साथ आपके दिल की सेहत को भी बेहतर बनाए रखते हैं। इससे आपको लंबे समय तक एनर्जी को मेन्टेन रखने और ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद मिलती है। 


डायबिटीज पेशेंट्स को क्या क्या खाना चाहिए, इसके साथ-साथ यह भी जानना बेहद जरुरी है कि आपको क्या-क्या नहीं खाना चाहिए। चलिए समझते हैं कि डायबिटीज पेशेंट्स को क्या नहीं खाना चाहिए। 

मीठे और चीनी वाले ड्रिंक्स से तुरंत दूरी बनानी चाहिए। कोल्ड ड्रिंक्स, पैकिंग वाले जूस और एनर्जी ड्रिंक्स जैसे शुगर वाला पेय पदार्थ शरीर में जाकर ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर भी मीठे और चीनी वाले पीने वाले पदार्थ के सेवन की मना करते हैं। 

अब आता है रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स। इसमें सफेद ब्रेड, पास्ता, और पेस्ट्री जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन भी ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। इन सारे खाद्य पदार्थों के कारण हमारे शरीर में ग्लूकोज का स्तर भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके कारण टाइप 2 डायबिटीज भी ट्रिगर हो सकती है। अधिक नमक: प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड में मौजूद अधिक नमक हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक है। इनसे बचना चाहिए। कुछ लोग कहते है कि चीनी न सही गुड़ का इस्तेमाल कर सकते है। नहीं आपको चाय दूध पीना है तो फीका ही पीना होगा। गुड़ भी शुगर बढ़ाता है। 

डायबिटीज के दौरान डेली लाइफ स्टाइल यानी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए। इस पर भी बात कर लेते है।डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए जीवनशैली में कुछ सुधार करने की जरुरत पड़ती है। जैसे कि योग और ध्यान: योग, प्राणायाम और ध्यान से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। क्योंकि टेंशन यानी तनाव ब्लड शुगर स्तर को अस्थिर कर सकता है। मानसिक शांति पाने के लिए तनाव को कम करने के उपाय अपनाएं। तनाव के चलते शुगर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसका भी आपको पूरा ध्यान रखना होगा। 

 
इसके साथ साथ नियमित रूप से ब्लड शुगर टेस्ट कराएं ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और समय पर उपचार किया जा सके और आप एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

एक बात और इस वीडियो में जो बातें हमने आपके साथ सांझा की वह सिर्फ डायबिटीज के संबंध में आपको जानकारी देने के लिए ही हैं। अमल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए। 
 
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धन्यवाद। जयहिंद।

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